FCNR Scheme: एनआरआई के लिए खुला खजाना! सितंबर 2026 तक ₹70 अरब जुटाने का लक्ष्य

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
FCNR Scheme: एनआरआई के लिए खुला खजाना! सितंबर 2026 तक ₹70 अरब जुटाने का लक्ष्य

अनिवासी भारतीयों (NRIs) के लिए भारत में पैसा लगाने का एक बड़ा मौका आ गया है। फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (FCNR) डिपॉजिट स्कीम के ज़रिये देश ₹70 अरब तक का भारी निवेश जुटाने की कोशिश कर रहा है। अब तक **₹10 अरब** जमा हो चुके हैं और यह स्कीम 30 सितंबर 2026 तक खुली रहेगी।

FCNR स्कीम: क्या है और क्यों है खास?

यह FCNR डिपॉजिट स्कीम खास तौर पर अनिवासी भारतीयों (NRIs) और भारतीय मूल के लोगों (PIOs) को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसके तहत, वे अपनी कमाई को डॉलर, यूरो या पाउंड जैसी विदेशी मुद्राओं में भारत के बैंकों में जमा कर सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि उन्हें इन जमाओं पर अच्छी ब्याज दरें भी मिलेंगी।

मजबूती की ओर भारतीय अर्थव्यवस्था

इस स्कीम का मुख्य मकसद भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) को मजबूत करना और रुपये को सहारा देना है। जब NRIs अपनी विदेशी मुद्रा भारत में जमा करेंगे, तो इससे देश के पास डॉलर जैसे विदेशी पैसों का भंडार बढ़ेगा। यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को रुपये को वैश्विक उतार-चढ़ावों से बचाने में मदद करेगा।

अब तक की प्रगति और भविष्य की राह

अभी तक इस स्कीम के तहत लगभग $10 अरब (यानी करीब ₹83,000 करोड़) जमा हो चुके हैं। जानकारों का मानना है कि अगर भागीदारी इसी तरह बढ़ती रही, तो कुल निवेश $70 अरब से $80 अरब (लगभग ₹5.8 लाख करोड़ से ₹6.6 लाख करोड़) तक पहुँच सकता है। यह स्कीम 30 सितंबर 2026 तक NRIs के लिए खुली रहेगी। देश के बड़े बैंक जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), HDFC बैंक और HSBC इस स्कीम को लेकर NRIs के बीच जागरूकता फैला रहे हैं।

निवेशकों के लिए क्या है मायने?

इस स्कीम में जमा होने वाली कुल रकम पर नज़र रखना ज़रूरी होगा। जितनी ज्यादा रकम NRIs जमा करेंगे, उतना ही भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को फायदा होगा। इससे RBI को रुपये को स्थिर रखने के लिए बाज़ार में कम दखल देना पड़ेगा। साथ ही, यह भी देखना होगा कि SBI, HDFC जैसे बैंक विदेशी ब्याज दरों की तुलना में कितनी प्रतिस्पर्धी दरें दे पाते हैं। आने वाले महीनों में RBI से आने वाले आंकड़े NRIs के भारत की आर्थिक स्थिति पर भरोसे का संकेत देंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.