Equitas Small Finance Bank ने अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए **₹500 करोड़** जुटाने का फैसला किया है। बैंक नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए यह फंड जुटाएगा, जिसकी खबर आते ही शेयर में **1%** से ज्यादा की तेजी देखी गई।
फंड जुटाने की पूरी तैयारी
Equitas Small Finance Bank ने बोर्ड से ₹500 करोड़ तक की राशि जुटाने की मंजूरी ले ली है। बैंक इसके लिए 50,000 यूनिट्स जारी करेगा, जिसमें प्रत्येक का फेस वैल्यू ₹1 लाख होगा। यह फंड 'लोअर टियर-II कैपिटल' के रूप में जुटाया जा रहा है।
क्यों जरूरी है यह फंड?
RBI के बेसल-II (Basel II) नियमों का पालन करने और अपने कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो को सुरक्षित दायरे में रखने के लिए यह कदम अहम है। इस फंड से बैंक को अपना लोन बुक बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे MSME और रिटेल सेक्टर में कर्ज बांटने की क्षमता बढ़ेगी।
निवेशकों के लिए जोखिम और अवसर
फंड तो आ रहा है, लेकिन इसका असली फायदा तब होगा जब बैंक इन पैसों को हाई-यील्डिंग लोन पोर्टफोलियो में सही तरीके से निवेश कर पाएगा। निवेशकों को यह देखना होगा कि डिबेंचर्स के लिए बैंक किस दर (Coupon Rate) पर कर्ज लेता है। यदि लागत बढ़ती है और रिटर्न कम रहता है, तो इससे नेट प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।
फिलहाल, मार्केट की नजर इस बात पर है कि बैंक इन फंड्स को कितनी कुशलता से अपने बिजनेस को स्केल करने में इस्तेमाल करता है। आने वाले समय में कूपन रेट की फाइनल डिटेल्स और तिमाही नतीजों में मार्जिन पर पड़ने वाले असर को ट्रैक करना जरूरी होगा।
