Equitas Small Finance Bank (Equitas SFB) के लिए पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। बैंक के ग्रॉस एडवांसेस में **27%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है और यह ₹47,653 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, टोटल डिपॉजिट्स **10%** बढ़कर ₹48,976 करोड़ हो गए। लेकिन, निवेशकों की नज़र बैंक के CASA रेश्यो पर है, जो पिछले साल के **29%** से घटकर **25%** रह गया है। ऐसे में, बैंक के सामने फंड की लागत को कंट्रोल करने की चुनौती बढ़ गई है।
क्या हुआ?
Equitas Small Finance Bank ने 30 जून, 2026 को समाप्त पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने शुरुआती बिजनेस अपडेट जारी किए हैं। बैंक ने बताया कि उसके ग्रॉस एडवांसेस पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 26.70% बढ़कर ₹47,653 करोड़ हो गए। इस तिमाही में बैंक ने लगभग ₹6,804 करोड़ के नए लोन बांटे हैं।
कुल डिपॉजिट्स एक साल पहले के मुकाबले 10.44% बढ़कर ₹48,976 करोड़ पर पहुंच गए। हालांकि, लोन बुक में अच्छी ग्रोथ के बावजूद, डिपॉजिट मार्केट निवेशकों के लिए एक अहम फोकस बना हुआ है, क्योंकि सेक्टर की दूसरी बैंक भी फंड जुटाने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।
लोन और डिपॉजिट्स की तस्वीर
बैंक की लोन बुक में विविध ग्रोथ देखने को मिली है। माइक्रोफाइनेंस लोन में सालाना आधार पर 70.19% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई और यह ₹6,019 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, नॉन-माइक्रोफाइनेंस लोन, जो पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा हैं, 22.19% बढ़कर ₹41,634 करोड़ हो गए। यह सेगमेंट-वाइज ग्रोथ बैंक की पारंपरिक माइक्रो-लेंडिंग बेस और बड़े लोन ऑफरिंग्स, दोनों को बढ़ाने की रणनीति को दर्शाती है।
CASA रेश्यो पर दबाव
बैंक निवेशकों के लिए एक अहम मीट्रिक (metric) है करंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट (CASA) रेश्यो। यह बताता है कि कितने डिपॉजिट्स कम लागत वाले खातों में हैं। तिमाही के अंत में बैंक का CASA रेश्यो 25% रहा, जो पिछले क्वार्टर के 26% और पिछले साल के 29% से कम है। गिरता हुआ CASA रेश्यो अक्सर बैंक को महंगे टर्म डिपॉजिट्स (फिक्स्ड डिपॉजिट्स) पर ज़्यादा निर्भर बनाता है। फंड की लागत 7.05% होने के कारण, बैंक के लिए अपने प्रॉफिट मार्जिन (profit margin) को बचाने के लिए इस रेश्यो को बनाए रखना बेहद ज़रूरी है।
एसेट क्वालिटी (Asset Quality) के आंकड़े
बैंक ने पिछली चौथी तिमाही (Q4) के अपडेट में एसेट क्वालिटी में सुधार दिखाया था, जिस पर बाजार की पैनी नज़र रहती है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेश्यो, जो खराब लोन को ट्रैक करता है, पिछले क्वार्टर के 2.75% से घटकर 2.60% हो गया। नेट NPA रेश्यो भी पिछले क्वार्टर के 0.92% से सुधरकर 0.72% हो गया। ये आंकड़े बताते हैं कि बैंक एडवांसेस (advances) बढ़ाते हुए भी अपने मौजूदा लोन बुक को मैनेज करने में कामयाब रहा है।
आगे निवेशक क्या देख सकते हैं?
आगामी तिमाही नतीजों में, निवेशक बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। यह मार्जिन, जो लोन पर कमाए गए ब्याज और डिपॉजिट्स पर दिए गए ब्याज के अंतर को मापता है, बैंक की CASA रेश्यो को थोक डिपॉजिट्स की बढ़ती लागत के साथ संतुलित करने की क्षमता से प्रभावित होगा। ऊंचे इंटरेस्ट रेट वाले माहौल में CASA रेश्यो को स्थिर या बेहतर बनाने के मैनेजमेंट की रणनीति पर नज़र रखना एक अहम फैक्टर होगा, क्योंकि यह सीधे तौर पर बैंक की लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी (long-term profitability) को प्रभावित करता है।
