Equitas Small Finance Bank ने जून 2026 तिमाही में ₹183 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज कर मुनाफे में वापसी की है। पिछले साल इसी अवधि में बैंक को ₹223 करोड़ का घाटा हुआ था। यह शानदार वापसी कुल एडवांसेज़ में **27%** की बढ़ोतरी से संभव हुई, जिसमें गोल्ड लोन में **179%** का उछाल और माइक्रो फाइनेंस में मजबूत ग्रोथ शामिल है। साथ ही, एसेट क्वालिटी में भी लगातार सुधार देखा गया है।
Detailed Coverage
पहली तिमाही में कैसे हुई मुनाफे की वापसी?
Equitas Small Finance Bank ने 2027 फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के लिए ₹183 करोड़ का नेट प्रॉफिट घोषित किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले एक बड़ी वापसी है, जब बैंक को ₹223 करोड़ का घाटा हुआ था। इस टर्नअराउंड का मुख्य कारण बिज़नेस एक्टिविटी में तेज़ी है, जिसके चलते बैंक के कुल ग्रॉस एडवांसेज़ में पिछले साल की तुलना में 27% का इजाफा हुआ है।
लोन सेगमेंट में ज़बरदस्त ग्रोथ
बैंक की लोन ग्रोथ को 179% साल-दर-साल आधार पर बढ़े गोल्ड लोन पोर्टफोलियो का बड़ा सहारा मिला। अन्य सेगमेंट में भी ज़बरदस्त तेज़ी देखी गई, जहाँ माइक्रो फाइनेंस और माइक्रो-लोन में 70%, माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइज लोन में 28%, और हाउसिंग फाइनेंस में 24% की ग्रोथ दर्ज की गई। इस तिमाही में कुल लोन डिस्पर्सल ₹6,784 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 93% ज़्यादा है। बैंक के कोर स्मॉल बिज़नेस लोन सेगमेंट में भी 15% की ग्रोथ बनी रही।
फंडिंग कॉस्ट और मार्जिन में सुधार
Equitas Small Finance Bank ने इस तिमाही में अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार किया है, जिसके चलते कुल डिपॉजिट में साल-दर-साल 10% की बढ़ोतरी हुई। बैंक अपनी फंडिंग कॉस्ट को सफलतापूर्वक घटाकर 7.05% पर ले आया है, जो पिछले साल के मुकाबले 44 बेसिस पॉइंट कम है। इस सुधार और अन्य फैक्टर्स की वजह से बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 7.24% रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 87 बेसिस पॉइंट ज़्यादा है। NIM एक अहम पैमाना है जो दिखाता है कि बैंक अपनी इंटरेस्ट कमाने वाली एक्टिविटीज़ से कितना मुनाफा कमाता है, जबकि इंटरेस्ट एक्सपेंस को भी ध्यान में रखता है।
एसेट क्वालिटी में भी दिखा सुधार
बैंक की एसेट क्वालिटी, जो लोन बुक के हेल्थ को ट्रैक करती है, उसमें भी सुधार देखा गया है। पहले क्वार्टर के लिए ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 2.36% पर रहा, जो पिछले क्वार्टर से 13 बेसिस पॉइंट कम है। इसी तरह, नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA), जो प्रोविजन्स के बाद बचे हुए बैड लोंस को दर्शाते हैं, घटकर 0.70% हो गए, जो पिछले क्वार्टर से 2 बेसिस पॉइंट कम है।
नई नियुक्तियां और इंटरनेशनल डिपॉजिट्स
लोन परफॉरमेंस के अलावा, बैंक ने अपने इंटरनेशनल बैंकिंग सेगमेंट में भी प्रगति की है। जुलाई 2025 में नॉन-रेजिडेंट इंडियंस और शिपिंग व ऑयल सेक्टर के प्रोफेशनल्स के लिए लॉन्च की गई FCNR डिपॉजिट फैसिलिटी में $42 मिलियन से ज़्यादा जमा हुए हैं। बैंक ने हाल ही में अपनी लीडरशिप टीम में भी बदलाव किए हैं। 1 जुलाई 2026 से मुकुंद श्यामराव बरसगडे चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर और तारका रमणा प्रतिपति इंटरिम चीफ रिस्क ऑफिसर का पद संभालेंगे। निवेशकों के लिए, आगे चलकर 7.24% के मार्जिन की स्थिरता और नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स पर दबाव बनाए रखने की बैंक की क्षमता अहम मॉनिटरेबल रहेगी, खासकर जब वे अपने गोल्ड और माइक्रो-लेंडिंग पोर्टफोलियो का विस्तार कर रहे हैं।
