Equitas Small Finance Bank के मैनेजिंग डायरेक्टर P N Vasudevan ने सरकार से ट्रेडिंग MSMEs के लिए क्रेडिट सपोर्ट बढ़ाने की अपील की है। बैंक ने भले ही लोन ग्रोथ में तेजी दिखाई है, लेकिन बढ़ती फंडिंग कॉस्ट के कारण मुनाफे पर दबाव के संकेत भी दिए हैं।
नीतिगत बदलाव की जरूरत
तमिलनाडु MSME समिट 2026 के दौरान, Equitas Small Finance Bank के MD, P N Vasudevan ने कहा कि मौजूदा सरकारी सब्सिडी और क्रेडिट सपोर्ट सिस्टम का झुकाव मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ओर बहुत अधिक है। उन्होंने बताया कि लगभग 50% MSMEs ट्रेडिंग सेक्टर में काम करते हैं, जिन्हें मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों की तुलना में सस्ता कर्ज पाने में मुश्किल होती है। बैंक का मानना है कि यदि इस सेक्टर के लिए क्रेडिट इकोसिस्टम बेहतर होता है, तो यह बैंक के लिए भी एक बड़ा और स्थिर बाजार बन सकता है। फिलहाल, बैंक का शेयर ₹66.00 से ₹66.10 के बीच कारोबार कर रहा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और मार्जिन का गणित
30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही में बैंक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रॉस एडवांसेज में 29.58% की सालाना (YoY) बढ़त दर्ज की है। हालांकि, तेजी से बढ़ती फंडिंग कॉस्ट अब बैंक की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाल रही है। मैनेजमेंट ने आगाह किया है कि आने वाली तिमाहियों में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) में 15 से 20 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट देखने को मिल सकती है।
क्षेत्रीय जोखिम (Regional Concentration Risk)
निवेशकों को यह भी ध्यान रखना होगा कि बैंक का लगभग 44% एडवांसेज तमिलनाडु में केंद्रित है। हालांकि यह बैंक की स्थानीय बाजार में पकड़ को मजबूत बनाता है, लेकिन इससे बैंक का भविष्य राज्य की आर्थिक स्थितियों और स्थानीय नीतिगत फैसलों के साथ गहराई से जुड़ जाता है। फिलहाल बाजार इस बात पर नजर रखे हुए है कि बैंक अपनी लोन ग्रोथ को बनाए रखते हुए मार्जिन के दबाव को कैसे मैनेज करता है।
