पूर्व RBI गवर्नर सी. रंगराजन ने स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) सेक्टर के विस्तार के लिए नीतिगत प्रोत्साहन की वकालत की है। शानदार नतीजों के बाद Equitas Small Finance Bank अब यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने पर विचार कर रहा है, हालांकि रेगुलेटरी चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन ने स्मॉल फाइनेंस बैंक सेक्टर के लिए मजबूत प्रोत्साहन देने की मांग की है। रंगराजन का मानना है कि देश में अभी केवल 11 ऐसे बैंक काम कर रहे हैं और मौजूदा फ्रेमवर्क इस सेक्टर की तेजी के लिए पर्याप्त नहीं है। चेन्नई में Equitas Small Finance Bank के नए ऑफिस के उद्घाटन के दौरान उन्होंने यह बात कही।
बैंक की महत्वाकांक्षा और प्रदर्शन
रंगराजन ने Equitas SFB के प्रदर्शन की तारीफ की, जिसके बाद बैंक अब स्मॉल फाइनेंस बैंक से यूनिवर्सल बैंक बनने की राह देख रहा है। मैनेजमेंट ने संकेत दिया है कि अगले एक साल में इसके लिए आवेदन किया जा सकता है।
वित्तीय मोर्चे पर, जून 2026 तिमाही (Q1 FY27) में बैंक ने शानदार वापसी करते हुए ₹184 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को ₹224 करोड़ का नुकसान हुआ था। बैंक का ग्रॉस एडवांस 27% बढ़कर ₹47,641 करोड़ और डिपॉजिट 10% बढ़कर ₹48,976 करोड़ हो गया है। साथ ही, एसेट क्वालिटी भी सुधरी है, जहां GNPA 2.36% और NNPA 0.70% पर है।
रेगुलेटरी चुनौतियां
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस मिलना कोई आसान प्रक्रिया नहीं है। RBI बैंक की गवर्नेंस और लंबी अवधि की स्थिरता को बारीकी से परखता है। हाल ही में Ujjivan Small Finance Bank का आवेदन वापस किए जाने से यह साफ है कि नियामक इस मामले में बेहद सतर्क हैं।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
आने वाले समय में निवेशकों को तीन चीजों पर नजर रखनी चाहिए:
- मैनेजमेंट की लाइसेंस आवेदन की रणनीति।
- माइक्रोफाइनेंस पर निर्भरता कम करने के प्रयास।
- कॉम्पिटिटिव मार्केट में प्रॉफिट मार्जिन और डिपॉजिट ग्रोथ को बनाए रखना।
