Ecofy Finance को ₹380 करोड़ की बड़ी फंडिंग! सोलर और EV लोन को मिलेगी नई जान

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AuthorNeha Patil|Published at:
Ecofy Finance को ₹380 करोड़ की बड़ी फंडिंग! सोलर और EV लोन को मिलेगी नई जान
Overview

Ecofy Finance, जो भारत की एक खास ग्रीन NBFC है, ने ₹380.5 करोड़ (लगभग $42 मिलियन) की एक बड़ी Series B फंडिंग जुटाई है। इस राउंड का नेतृत्व British International Investment (BII) और Finnfund ने मिलकर किया है।

इस फंड रेजिंग राउंड में Ecofy Finance ने कुल ₹380.5 करोड़ (लगभग $42 मिलियन) की रकम जुटाई है। इस राउंड में British International Investment (BII) और फिनिश इम्पैक्ट इन्वेस्टर Finnfund प्रमुख निवेशक रहे। मौजूदा निवेशक Eversource Capital और FMO ने भी इसमें हिस्सा लिया। यह पैसा कंपनी को रूफटॉप सोलर, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और छोटे-मध्यम उद्यमों (SME) के लिए फाइनेंसिंग बढ़ाने में मदद करेगा, ताकि भारत में ग्रीन फाइनेंस की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।

Ecofy, जो 2022 में भारत की पहली समर्पित ग्रीन NBFC के रूप में शुरू हुई थी, इस सेक्टर में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कंपनी ने 1.2 लाख से ज्यादा ग्राहकों का एक रिटेल प्लेटफॉर्म बनाया है और ₹1,400 करोड़ से ज्यादा की Assets Under Management (AUM) संभाल रही है। यह सीरीज B फंडिंग, जनवरी 2024 में मिली ₹90 करोड़ की फंडिंग और एक डेट फैसिलिटी के बाद आई है। Ecofy खास तौर पर इलेक्ट्रिक दो- और तीन-पहिया वाहनों, रूफटॉप सोलर और क्लाइमेट-केंद्रित SME प्रोजेक्ट्स पर फोकस करती है, जिससे ग्रीन फाइनेंस सभी के लिए सुलभ हो रहा है।

भारत का सस्टेनेबल फाइनेंस मार्केट तेजी से फल-फूल रहा है। अनुमान है कि यह 2034 तक $2.42 ट्रिलियन तक पहुंच जाएगा, जिसकी सालाना ग्रोथ रेट 14.44% रहने की उम्मीद है। इस ग्रोथ का श्रेय सरकारी नीतियों, ESG (Environmental, Social, and Governance) निवेश में बढ़ती दिलचस्पी और अंतरराष्ट्रीय क्लाइमेट फंडिंग को जाता है। भारत ने 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है और 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता हासिल करनी है। ऐसे में, व्यक्तियों और छोटे व्यवसायों के लिए खास ग्रीन फाइनेंसिंग की जरूरत तेजी से बढ़ रही है।

हालांकि, Ecofy और भारत के ग्रीन फाइनेंस सेक्टर को कुछ जोखिमों का भी सामना करना पड़ता है। विभिन्न क्षेत्रों में रेगुलेटरी अंतर और ESG डिस्क्लोजर नियमों में बदलाव कंप्लायंस संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। स्टैंडर्ड मेट्रिक्स और स्पष्ट गाइडलाइन्स की कमी ग्रीनवॉशिंग (Greenwashing) और निवेशकों का भरोसा कम कर सकती है। डेटा की कमी, खासकर SMEs के लिए, और ESG जानकारी इकट्ठा करने की लागत प्रमुख बाधाएं हैं। NBFC सेक्टर में लिक्विडिटी की समस्याएं पहले भी देखी गई हैं (जैसे 2018-2019 का IL&FS संकट), जो सावधानी न बरतने पर फिर से उभर सकती हैं। इस फंडिंग के बाद Ecofy का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो बढ़कर करीब 50% होने की उम्मीद है, लेकिन बढ़ते लोन पोर्टफोलियो के लिए सावधानीपूर्वक रिस्क मैनेजमेंट की जरूरत होगी।

Ecofy Finance का यह सफल Series B फंडिंग राउंड इसे व्यक्तिगत और छोटे व्यवसायों के लिए ग्रीन फाइनेंसिंग के जरिए भारत के क्लाइमेट लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार करता है। BII और Finnfund जैसे डेवलपमेंट फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस का समर्थन, साथ ही मौजूदा निवेशकों का भरोसा, कंपनी के ऑपरेशन्स को बढ़ाने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है। Ecofy का टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म, सावधानीपूर्वक रिस्क मैनेजमेंट पर जोर और बड़ा इम्पैक्ट बनाने की प्रतिबद्धता तेजी से बदलते बाजार में इसकी मुख्य ताकतें हैं। घरों और छोटे व्यवसायों को किफायती क्लाइमेट सॉल्यूशंस तक पहुंचने में मदद करके, Ecofy सीधे तौर पर भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और डीकार्बोनाइजेशन प्रयासों में योगदान दे रही है।

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