EbixCash World Money को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से एक बड़ी मंजूरी मिली है। कंपनी को Authorised Dealer Category-II का परमानेंट लाइसेंस मिल गया है, जिससे अब यह ₹25 लाख तक के ट्रेड-संबंधित रेमिटेंस को प्रोसेस कर सकेगी। इससे EbixCash सीधे बैंकों के साथ प्रतिस्पर्धा करेगी और MSME एक्सपोर्टर्स व इम्पोर्टर्स को बेहतर सेवा दे पाएगी।
Detailed Coverage
ट्रेड रेमिटेंस मार्केट में EbixCash की एंट्री
EbixCash World Money ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से Authorised Dealer Category-II का परमानेंट लाइसेंस हासिल कर लिया है। इस लाइसेंस से कंपनी फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करेगी। अब यह कंपनी ट्रेड रेमिटेंस और फैमिली मेंटेनेंस पेमेंट्स को भी संभाल सकेगी, जो इसके मौजूदा बिजनेस से एक बड़ा विस्तार है। फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के नए नियमों के तहत, जो मई 2026 से लागू होंगे, EbixCash अब प्रति ट्रांजैक्शन ₹25 लाख तक के ट्रेड ट्रांजैक्शन्स को प्रोसेस कर पाएगी।
बैंकों से सीधी टक्कर
इस लाइसेंस के मिलने से EbixCash अब उन मार्केट सेग्मेंट्स में उतर गई है, जहाँ पहले सिर्फ बड़े कमर्शियल बैंक ही राज करते थे। कंपनी का लक्ष्य है कि वह अपने नेटवर्क के जरिए छोटे और मध्यम व्यवसायों (MSMEs) के लिए इंटरनेशनल ट्रेड पेमेंट्स को आसान बनाए। इतना ही नहीं, RBI ने कंपनी को Nostro अकाउंट्स रखने की भी इजाजत दे दी है। इसका मतलब है कि EbixCash अब फॉरेन करेंसी अकाउंट्स को सीधे किसी दूसरे बैंक में खोल सकेगी। इससे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन्स को सीधे सेटल किया जा सकेगा, बिचौलियों की जरूरत नहीं पड़ेगी और ट्रांजैक्शन का समय और लागत दोनों कम होंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर और रेगुलेटरी मजबूती
EbixCash के पास एक मजबूत नेटवर्क है, जिसमें 70 शहरों में 100 से ज्यादा ब्रांचेज और कई एयरपोर्ट काउंटर्स शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी के 25,000 से ज्यादा सर्विस टचपॉइंट्स हैं। EbixCash पहले से ही इंडिया के कैश-टू-कैश इनवर्ड रेमिटेंस मार्केट में एक बड़ा प्लेयर है और लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत आउटवर्ड रेमिटेंस भी मैनेज करती है। कंपनी के लीडर्स का कहना है कि यह परमानेंट लाइसेंस रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के लगातार पालन का नतीजा है। निवेशकों के लिए, यह कदम कंपनी को एक साधारण करेंसी प्रोवाइडर से क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड फाइनेंस में एक इंटीग्रेटेड प्लेयर बनने की ओर ले जाता है, जो हाई-वैल्यू फाइनेंशियल सर्विसेज की ओर एक बड़ा कदम है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि EbixCash अपने ट्रेड रेमिटेंस बिजनेस को कितनी तेजी से बढ़ा पाती है। MSME क्लाइंट्स, जो शायद अभी भी पारंपरिक बैंकिंग चैनलों पर निर्भर हैं, उन्हें नए प्लेटफॉर्म पर लाना और इस नई सर्विस लाइन का कंपनी के कुल ट्रांजैक्शन वॉल्यूम और फी-बेस्ड रेवेन्यू पर क्या असर पड़ता है, यह देखना अहम होगा। चूंकि यह कदम साधारण करेंसी एक्सचेंज की तुलना में हाई-वैल्यू ट्रेड ट्रांजैक्शन्स को संभालने से जुड़ा है, इसलिए इस लाइसेंस को बनाए रखने और ट्रेड फाइनेंस सेक्टर में और विस्तार करने के लिए सख्त कंप्लायंस और रिस्क मैनेजमेंट बनाए रखना जरूरी होगा।
