EaseMyTrip के को-फाउंडर निशांत पिट्टी पर गिरी गाज, Mahadev App केस में फंसे

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
EaseMyTrip के को-फाउंडर निशांत पिट्टी पर गिरी गाज, Mahadev App केस में फंसे

Enforcement Directorate (ED) ने Mahadev बेटिंग ऐप मनी लॉन्ड्रिंग मामले में EaseMyTrip के को-फाउंडर निशांत पिट्टी को आरोपी बनाया है। एजेंसी ने अपराध की कमाई बताते हुए उनके **₹59.60 करोड़** के शेयर अटैच कर दिए हैं, हालांकि पिट्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

बाजार में हेरफेर के गंभीर आरोप

जांच एजेंसी का आरोप है कि निशांत पिट्टी ने दुबई स्थित 'Skyexchange' बेटिंग नेटवर्क के मास्टरमाइंड हरि शंकर टिबरेवाल की मदद की। एजेंसी का दावा है कि अवैध सट्टेबाजी के पैसे को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) के जरिए भारतीय शेयर बाजार में खपाया गया। आरोप है कि यह पूरी साजिश EaseMyTrip के शेयर प्राइस और मार्केट कैप को आर्टिफिशियली बढ़ाने के लिए रची गई थी। जांच के घेरे में 2022 की एक क्रिकेट सीरीज भी है, जिसे कंपनी ने स्पॉन्सर किया था और वहां Skyexchange का भी नाम जुड़ा था।

एसेट अटैचमेंट और मैनेजमेंट का रुख

ED ने कार्रवाई करते हुए निशांत पिट्टी के पर्सनल डीमैट अकाउंट में रखे ₹59.60 करोड़ के शेयरों को प्रोविजनली अटैच कर दिया है। एजेंसी अब कोर्ट से इन संपत्तियों को जब्त करने की अनुमति मांग रही है। वहीं, निशांत पिट्टी ने एक बयान जारी कर कहा है कि उन्हें अब तक कोई समन नहीं मिला है और वे जांच में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं। Easy Trip Planners की मैनेजमेंट ने भी साफ किया है कि कंपनी को इस संबंध में कोई आधिकारिक नोटिस नहीं मिला है।

महादेव बेटिंग ऐप की जांच का दायरा

यह मामला Mahadev Online Book जांच की छठी चार्जशीट का हिस्सा है। अब तक इस केस में 116 आरोपियों को घेरे में लिया गया है और करीब 190 ठिकानों पर छापेमारी हो चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे घोटाले में अवैध कमाई का आंकड़ा ₹80,000 करोड़ के पार जाने का अनुमान है। निवेशकों के लिए अब कोर्ट का फैसला और रेग्युलेटरी एक्शन सबसे महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.