ESAF Small Finance Bank ने शानदार वापसी की है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में बैंक ने **₹160 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में बैंक को **₹116 करोड़** का नुकसान हुआ था। इस मुनाफे के पीछे **25%** की लोन ग्रोथ और गोल्ड लोन पोर्टफोलियो का बड़ा हाथ है।
मुनाफे का शानदार टर्नअराउंड
ESAF Small Finance Bank के लिए सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही काफी सकारात्मक रही है। कंपनी ने अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर करते हुए और कोलैटरल-आधारित लेंडिंग पर फोकस बढ़ाकर पिछले साल के ₹116 करोड़ के नुकसान की भरपाई कर ली है।
लोन बुक में क्या बदल रहा है?
बैंक का कुल लोन पोर्टफोलियो (Gross Advances) सालाना आधार पर 25% बढ़कर ₹23,934 करोड़ पर पहुंच गया है। बैंक का मुख्य फोकस अब 'सिक्योर्ड लोन' (Secured Loan) पर है, जो अब कुल एडवांसेज का 64% हिस्सा बन चुका है। यह सेगमेंट 32% की बढ़त के साथ ₹15,377 करोड़ हो गया है। इसमें भी 'गोल्ड लोन' सबसे बड़े ड्राइवर बनकर उभरे हैं, जो 39% की ग्रोथ के साथ ₹10,456 करोड़ तक पहुंच गए हैं। वर्तमान में बैंक की कुल लोन बुक का 44% हिस्सा केवल गोल्ड लोन है।
एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार
बैंक की एसेट क्वालिटी में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) अनुपात जो पिछले साल 8.5% था, अब घटकर 2.8% रह गया है। वहीं नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NNPA) में भी गिरावट आई है, जो 3.8% से गिरकर 0.3% हो गया है। यह डेटा बैंक की रिस्क मैनेजमेंट प्रैक्टिस में आई मजबूती को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी और संकेत
निवेशकों के लिए बैंक का गोल्ड लोन पर बढ़ता भरोसा एक 'की-फैक्टर' है। हालांकि इससे एसेट क्वालिटी सुधरी है, लेकिन आधी लोन बुक गोल्ड से जुड़ी होने के कारण बैंक का प्रदर्शन गोल्ड की कीमतों और डिमांड पर काफी हद तक निर्भर हो गया है। आने वाली तिमाहियों में यह देखना होगा कि बैंक अपनी इस ग्रोथ को कैसे सस्टेन करता है।
