ERP Maturity: अब सिर्फ Revenue नहीं, कंपनी के सिस्टम पर टिकी है निवेशकों की नजर

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AuthorMehul Desai|Published at:
ERP Maturity: अब सिर्फ Revenue नहीं, कंपनी के सिस्टम पर टिकी है निवेशकों की नजर

भारतीय स्टार्टअप्स और फैमिली बिजनेस के लिए अब फंड जुटाना मुश्किल हो गया है। इन्वेस्टर्स अब रेवेन्यू ग्रोथ से ज्यादा कंपनी के ERP सिस्टम और फाइनेंशियल पारदर्शिता पर जोर दे रहे हैं। जिन कंपनियों के पास मजबूत अकाउंटिंग सिस्टम नहीं है, उन्हें वैल्यूएशन में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

वैल्यूएशन का बदलता गणित

इन्वेस्टमेंट के बदलते दौर में प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल फर्मों का नजरिया बदल चुका है। अब वैल्यूएशन सिर्फ टॉप-लाइन रेवेन्यू ग्रोथ पर आधारित नहीं है। इन्वेस्टर अब ERP (Enterprise Resource Planning) मैच्योरिटी को बिजनेस की सेहत का सबसे बड़ा पैमाना मान रहे हैं। अगर किसी कंपनी के इंटरनल प्रोसेस बिखरे हुए हैं या अकाउंटिंग में कमी है, तो उसे अब एक बड़े रिस्क के तौर पर देखा जा रहा है।

डील स्ट्रक्चर में आया बदलाव

अब डील के दौरान इन्वेस्टर्स पुराने ढर्रे पर नहीं चल रहे। अगर ड्यू डिलिजेंस में डेटा रिपोर्टिंग कमजोर मिलती है, तो इसे एक 'गवर्नेंस रेड फ्लैग' माना जाता है। नतीजतन, कंपनियां अब सीधे पूरा पैसा नहीं पा रही हैं। इन्वेस्टर्स Escrow खातों और Performance-linked earn-outs का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका मतलब है कि फंडिंग का एक हिस्सा तब तक रोक लिया जाता है, जब तक कंपनी ऑडिट के कड़े मानकों को पूरा न कर ले।

रेगुलेटरी दबाव और पारदर्शिता

SEBI और MCA की ओर से वित्तीय पारदर्शिता को लेकर बढ़ते नियमों ने कंपनियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जो कंपनियां पुराने ढर्रे पर चल रही हैं, वे रियल-टाइम डेटा न दे पाने के कारण ऑडिट में पिछड़ रही हैं। इसके चलते फाइनेंशियल रेस्टेटमेंट या फाइलिंग में देरी का खतरा बना रहता है, जो अंततः इन्वेस्टर का भरोसा तोड़ता है।

क्यों जरूरी है 'ऑडिट-ग्रेड' विजिबिलिटी?

इन्वेस्टर्स अब ऐसी पारदर्शिता चाहते हैं जहां बिना मैनुअल दखल के हर SKU लेवल पर रेवेन्यू और खर्चों को ट्रैक किया जा सके। जो फाउंडर्स सॉफ्टवेयर और डेटा सिस्टम को सिर्फ खर्चा मानते हैं, उन्हें मार्केट में नुकसान उठाना पड़ रहा है। आज के दौर में क्लाउड और AI से लैस ERP सिस्टम का होना बिजनेस की स्केलेबिलिटी के लिए अनिवार्य है। अब वही कंपनियां निवेश का भरोसा जीत पा रही हैं, जिनके पास शुरू से ही पारदर्शी और मजबूत फाइनेंशियल प्लानिंग का माइंडसेट है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.