रिटायरमेंट के बाद भी आपका EPF अकाउंट **3 साल** तक ब्याज कमाता रहेगा। EPFO ने स्पष्ट किया है कि **61 वर्ष** की आयु के बाद खाता 'इनऑपरेटिव' (Inoperative) हो जाता है और उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है।
रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए अपने प्रॉविडेंट फंड यानी EPF को मैनेज करना बेहद जरूरी है। EPFO के नियमों के मुताबिक, नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट के बाद भी आपका पैसा 3 साल तक ब्याज कमाता रहता है। यह ग्रेस पीरियड उन लोगों के लिए बहुत काम का है जो अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग को व्यवस्थित करना चाहते हैं और तुरंत पैसा नहीं निकालना चाहते।
61 की उम्र के बाद क्या होगा?
यह ब्याज वाली सुविधा तब तक ही मिलती है, जब तक खाताधारक की उम्र 61 साल न हो जाए। एक बार जब आप 61 की उम्र पार कर लेते हैं, तो आपका EPF खाता आधिकारिक तौर पर 'इनऑपरेटिव' श्रेणी में डाल दिया जाता है। इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इसके बाद आपके जमा बैलेंस पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा। अगर आपका पैसा इस स्टेज के बाद भी खाते में पड़ा रहता है, तो वह बिना किसी रिटर्न के सिर्फ एक डेड कैपिटल बनकर रह जाएगा।
रिटायरज के लिए जरूरी सलाह
अगर आप अपनी कुल जमा राशि (Corpus) को अधिकतम करना चाहते हैं, तो 61 की उम्र से पहले ही विड्रॉल की प्लानिंग कर लें। अपनी रिटायरमेंट टाइमलाइन को ट्रैक करना बहुत जरूरी है ताकि पैसा बेकार न पड़े। आप EPFO के मेंबर पोर्टल पर जाकर या अपने पुराने एम्प्लॉयर के साथ तालमेल बिठाकर यह चेक कर सकते हैं कि आपका पैसा किस स्थिति में है। समय पर निकासी आपको ब्याज का पूरा लाभ दिलाने में मदद करेगी।
