Enforcement Directorate (ED) ने Ramnandi Hotels and Resorts के ठिकानों पर छापेमारी की है। कंपनी पर बैंकों को **₹131.79 करोड़** का चूना लगाने और फंड के हेरफेर का गंभीर आरोप है।
छापेमारी का आधार
जांच एजेंसी ने बिहार, हरियाणा और दिल्ली में स्थित कंपनी के परिसरों पर यह कार्रवाई की है। यह पूरा मामला ₹131.79 करोड़ के बैंक लोन फ्रॉड से जुड़ा है। इसकी शुरुआत CBI द्वारा दायर की गई उस चार्जशीट से हुई, जिसमें कंपनी में भारी फाइनेंशियल गड़बड़ियों का खुलासा हुआ था।
क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि कंपनी के प्रमोटर्स, जिनमें अखोरी गोपाल भी शामिल हैं, ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम से ₹85 करोड़ का लोन लिया था। ED का दावा है कि कंपनी ने इसमें से ₹58 करोड़ की राशि का इस्तेमाल उन कामों के लिए किया, जिसके लिए लोन स्वीकृत नहीं हुआ था।
संपत्ति को बेचने का खेल
जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी ने लोन के बदले गिरवी रखी गई संपत्तियों को बाजार भाव से काफी कम कीमत पर बेच दिया। ये संपत्तियां उन लोगों को बेची गईं जो कंपनी के ही करीबी (प्रॉक्सी) माने जा रहे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह सब कुछ PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत कार्रवाई से बचने और एसेट को ठिकाने लगाने के लिए किया गया। कंपनी ने लोन हासिल करने के लिए फर्जी प्रोजेक्ट रिपोर्ट का भी सहारा लिया था।
