Enforcement Directorate (ED) ने गुरुग्राम के एक प्रमुख लिकर आउटलेट 'The Theka' के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की है। आरोप है कि कंपनी ने **1 लाख** से ज्यादा विदेशी शराब की बोतलों की तस्करी और टैक्स चोरी कर सरकारी खजाने को **₹10 करोड़** का चूना लगाया है।
अवैध कारोबार का पर्दाफाश
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा मामला 'बॉन्ड-टू-बॉन्ड' ट्रांसफर सिस्टम के दुरुपयोग से जुड़ा है। इसमें विदेशी शराब को टैक्स फ्री तरीके से एक बॉन्डेड वेयरहाउस से दूसरे वेयरहाउस भेजा जाना चाहिए था, लेकिन इस सिंडिकेट ने इन खेपों को सीधे गुरुग्राम के आउटलेट पर डायवर्ट कर दिया। इस अवैध तरीके से कंपनी ने 20% से 25% तक का एक्स्ट्रा प्रॉफिट कमाया।
कैसे छिपाया गया खेल?
टैक्स से बचने के लिए आरोपियों ने बोतलों से जरूरी होलोग्रैम और ट्रैकिंग स्ट्रिप्स तक हटा दीं। यह न केवल सरकारी एक्साइज ड्यूटी की चोरी है, बल्कि कंज्यूमर सेफ्टी के साथ भी बड़ा खिलवाड़ है। हरियाणा एक्साइज विभाग ने पहले ही इस मामले में 4,000 केस शराब जब्त की थी, जिसके बाद अब ED ने मामले को टेकओवर कर लिया है।
मुख्य आरोपी और आगे की कार्रवाई
इस मामले में Ankush Goyal और Sugreev Kumar जैसे मुख्य चेहरों की गिरफ्तारी के बाद अब एजेंसी पूरे मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच कर रही है। छापेमारी दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब के 10 अलग-अलग ठिकानों पर की गई है। इस सख्ती से अब लिकर इंडस्ट्री में इन्वेंट्री और कंप्लायंस को लेकर रेगुलेटरी रिस्क और भी बढ़ गया है।
