बैंक के पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार, ₹645 करोड़ का खुलासा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने IDFC First Bank के दो पूर्व कर्मचारियों को एक बड़े गबन और मनी लॉन्ड्रिंग केस में दबोच लिया है. सोमवार को बैंक की चंडीगढ़ सेक्टर 32 ब्रांच के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि और पूर्व रिलेशनशिप मैनेजर अभय कुमार को गिरफ्तार किया गया. कोर्ट ने दोनों को 21 मई तक ED की कस्टडी में भेज दिया है.
सरकारी पैसों का कैसे हुआ गबन?
आरोप है कि हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन और दो प्राइवेट स्कूलों के खातों से कुल ₹645 करोड़ के पब्लिक फंड का गबन किया गया. ED के मुताबिक, रिभव ऋषि ने अपने पर्सनल असिस्टेंट और ड्राइवर को नॉमिनी बनाकर शेल कंपनियां Capco Fintech Services और RS Trader बनाईं. वहीं, अभय कुमार ने अपनी पत्नी और साले के जरिए Swastik Desh Projects नामक कंपनी शुरू की. आरोप है कि इन कंपनियों को सरकारी खातों से सीधे करोड़ों रुपये मिले, जिन्हें बाद में वॉश (launder) करके निकाल लिया गया.
जांच जारी है
ED अब इस पैसे के पूरे रूट (money trail) का पता लगाने में जुटी है ताकि पता चल सके कि आखिर इसका फायदा किसे मिला और चोरी हुए पैसों से कौन सी प्रॉपर्टी खरीदी गई. इस मामले की शुरुआत हरियाणा स्टेट विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो की एक FIR से हुई थी. उस ब्यूरो ने पहले ही 11 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें बैंक कर्मचारी, प्राइवेट लोग और एक सरकारी अधिकारी शामिल थे.
