Enforcement Directorate (ED) ने DHFL के **₹34,615 करोड़** के लोन फ्रॉड मामले में जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने यूके की एक प्रॉपर्टी से जुड़ी **₹51.75 करोड़** की राशि को फ्रीज कर दिया है।
विदेशी संपत्तियों का जाल
जांच में पता चला है कि यह राशि 'Hurtmore House' नाम की एक यूके स्थित प्रॉपर्टी को बेचने से मिली थी। यह प्रॉपर्टी DHFL प्रमोटर कपिल वधावन की पत्नी वनिता वधावन के नाम पर दर्ज थी। ईडी का आरोप है कि प्रमोटर्स ने इस संपत्ति पर एक काल्पनिक देनदारी (fictitious liability) तैयार की थी ताकि पैसों के लेनदेन को वैध दिखाया जा सके।
कैसे हुई हेराफेरी?
जब इस साल प्रॉपर्टी बेची गई, तो बिक्री से मिलने वाली रकम को असली मालिक के बजाय 'Al Jalore Trading FZE' नाम की विदेशी एंटिटी के अकाउंट में डायवर्ट कर दिया गया। इसका मकसद फ्रॉड से जुड़ी घरेलू देनदारियों को छिपाना था।
केस का बैकग्राउंड
यह पूरा मामला ₹34,615 करोड़ के बड़े क्रेडिट फ्रॉड से जुड़ा है, जिसे यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले 17 बैंकों के कंसोर्टियम ने दर्ज कराया था। ईडी अब प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कपिल और धीरज वधावन के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
फिलहाल DHFL दिवाला समाधान प्रक्रिया (insolvency resolution process) से गुजर रही है और यह जांच इस बात को दर्शाती है कि हाई-प्रोफाइल मामलों में फंड्स को ट्रैक करना कितना जटिल है।
