Enforcement Directorate (ED) ने ₹1,417.86 करोड़ के एक बड़े इन्वेस्टमेंट फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। इस मामले में S. Naveen Kumar और S. Muthuselvam को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने कृषि निर्यात के नाम पर 35,759 निवेशकों को ठगा था।
फ्रॉड का पूरा कच्चा-चिट्ठा
जांच एजेंसियों की कार्रवाई के घेरे में आई कंपनियों में Unique Exports, East Valley Agro Firms, और Universe369 Infra Private Limited मुख्य रूप से शामिल हैं। इन कंपनियों ने निवेशकों को कृषि उत्पादों के निर्यात पर भारी मुनाफे का लालच दिया था, जबकि हकीकत में ये कंपनियां कोई व्यापारिक गतिविधि नहीं कर रही थीं। इनका एकमात्र मकसद जनता से पैसा इकट्ठा करना था।
फर्जीवाड़ा पकड़ने का तरीका
ED की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इन कंपनियों ने पैसा छिपाने के लिए 100 से ज्यादा बैंक अकाउंट्स का इस्तेमाल किया था। हैरान करने वाली बात यह है कि कंपनी ने ₹390.90 करोड़ 'सैलरी' के नाम पर दिखाए, जबकि असल में वहां सिर्फ 4 कर्मचारी काम करते थे। साथ ही, प्याज जैसे कृषि उत्पादों की खरीद के नाम पर ₹79.56 करोड़ का फर्जी खर्चा दिखाया गया, जबकि मौके पर कोई स्टॉक या व्यापारिक साक्ष्य मौजूद नहीं मिला।
आरोपी की भूमिका और गिरफ्तारी
आरोपी S. Muthuselvam ने इस स्कीम को फैलाने के लिए एक जटिल 'रेफरल नेटवर्क' बनाया था। उसने खुद तो मात्र ₹42.10 लाख का निवेश किया, लेकिन कमीशन और अन्य माध्यमों से ₹12.72 करोड़ डकार लिए। फिलहाल, स्पेशल कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसियां अभी भी नेटवर्क के अन्य हिस्सों और संपत्ति की तलाश कर रही हैं। यह मामला उन निवेशकों के लिए सबक है जो बिना बुनियादी जांच-पड़ताल के केवल ऊंचे मुनाफे के वादों पर पैसा लगा देते हैं।
