Walt Disney के भारतीय कारोबार में सुधार देखने को मिल रहा है। कंपनी का जून 2026 तिमाही में इक्विटी घाटा घटकर **$44 मिलियन** रह गया है, जबकि Reliance के साथ बनी जॉइंट वेंचर JioStar ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में **₹3,210 करोड़** का जबरदस्त मुनाफा कमाया है।
मुनाफे के पीछे की असली कहानी
JioStar के इन नतीजों ने बाजार का ध्यान खींचा है। इस जॉइंट वेंचर ने साल भर में ₹31,048 करोड़ का ऑपरेटिंग रेवेन्यू हासिल किया है। मुनाफे में इस उछाल के पीछे सबसे बड़ी वजह स्पोर्ट्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए किए जाने वाले प्रोविजन में कटौती है। कंपनी ने इसे पिछले साल के ₹25,760 करोड़ से घटाकर ₹17,742 करोड़ कर दिया है, जिससे कंपनी के पास काम करने के लिए अधिक पूंजी उपलब्ध हुई है।
ओनरशिप और स्ट्रक्चर
इस वेंचर में Reliance Industries की हिस्सेदारी 56% है, जबकि Walt Disney के पास 37% और Bodhi Tree Systems के पास 7% हिस्सेदारी है। यह तालमेल प्रीमियम स्पोर्ट्स राइट्स की भारी लागत को मैनेज करने में मददगार साबित हो रहा है।
चुनौतियां अभी भी बरकरार
सब कुछ अच्छा दिखने के बावजूद मीडिया सेक्टर के लिए राह आसान नहीं है। Competition Commission of India इस मर्जर के बाद मार्केट डोमिनेंस पर कड़ी नजर रख रहा है, खासकर क्रिकेट ब्रॉडकास्टिंग राइट्स को लेकर। वहीं दूसरी ओर, Disney का Tata Play में निवेश अभी भी घाटे से जूझ रहा है, जो पारंपरिक टीवी सेगमेंट की गिरती मांग को दर्शाता है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या JioStar इस प्रॉफिटेबिलिटी को लंबे समय तक बरकरार रख पाएगा या नहीं।
