Digital NBFCs: पर्सनल लोन मार्केट में बड़ी हलचल, FY27 तक **₹2 लाख करोड़** का लक्ष्य

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AuthorMehul Desai|Published at:
Digital NBFCs: पर्सनल लोन मार्केट में बड़ी हलचल, FY27 तक **₹2 लाख करोड़** का लक्ष्य

स्पेशलाइज्ड NBFCs का पर्सनल लोन एसेट **₹1.3 लाख करोड़** से बढ़कर **₹2 लाख करोड़** तक पहुंचने की उम्मीद है। डिजिटल एडॉप्शन और बेहतर क्रेडिट फिल्टरिंग से एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है, लेकिन निवेशकों को फंडिंग कॉस्ट और रेगुलेटरी बदलावों पर नजर रखनी चाहिए।

तेजी की रफ्तार

पर्सनल लोन सेगमेंट में डिजिटल NBFCs का दबदबा बढ़ता जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, इस फाइनेंशियल ईयर में इन कंपनियों का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹2 लाख करोड़ के आंकड़े को छू सकता है, जो पिछले साल ₹1.3 लाख करोड़ था। जून 2026 तक डिजिटल NBFCs का पर्सनल लोन पोर्टफोलियो पहले ही ₹1.54 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है, जिसमें सालाना आधार पर 28% की जबरदस्त ग्रोथ दिखी है।

प्रमुख खिलाड़ी और रणनीति

KrazyBee Services, Navi Finserv और Moneyview Limited जैसी कंपनियां इस डिजिटल विस्तार का नेतृत्व कर रही हैं। ये कंपनियां अब जोखिम को नियंत्रित करने के लिए ऑटोमेटेड अंडरराइटिंग मॉडल का इस्तेमाल कर रही हैं। बड़ी बात यह है कि अब लेंडर हाई-रिस्क ग्राहकों के बजाय सैलरीड और नियर-प्राइम (Near-prime) उधारकर्ताओं पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। इस बदलाव का असर नतीजों में दिख रहा है, जहां 90+ दिनों का डिफॉल्ट रेशियो (DPD) घटकर 6.6% पर आ गया है, जो पहले 8.5% हुआ करता था।

रिस्क फैक्टर और चिंता

हालांकि ग्रोथ का आंकड़ा उत्साहजनक है, लेकिन सेक्टर के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। फंड्स की बढ़ती लागत (Cost of funds) नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। इसके अलावा, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा रिवॉल्विंग क्रेडिट प्रोडक्ट्स को लेकर लाया जा रहा नया रेगुलेटरी फ्रेमवर्क भी गेम चेंजर साबित हो सकता है। निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि आक्रामक ग्रोथ के दौरान एसेट क्वालिटी को मेंटेन रखना और बदलती ब्याज दरों के बीच मार्जिन बचाए रखना इन कंपनियों के लिए असली इम्तिहान होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.