डिजिटल गोल्ड कंपनियां बढ़ा रहीं पारदर्शिता, रेगुलेटरी दबाव के बीच बढ़ाए ऑडिट

BANKINGFINANCE
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
डिजिटल गोल्ड कंपनियां बढ़ा रहीं पारदर्शिता, रेगुलेटरी दबाव के बीच बढ़ाए ऑडिट

भारत में डिजिटल गोल्ड देने वाली कंपनियां अब अपनी ऑडिट प्रक्रियाओं और गोल्ड वॉल्ट (Vault) की जांच को और कड़ा कर रही हैं। SafeGold, MMTC Pamp, और Augmont Gold जैसी कंपनियां DPMACI के ज़रिये इंडस्ट्री स्टैंडर्ड तय कर रही हैं ताकि 100% फिजिकल गोल्ड बैकिंग सुनिश्चित हो और रेगुलेटर्स की नज़र पड़ने के बाद ग्राहकों का भरोसा बढ़े।

बढ़ाई गईं ऑडिट और नई काउंसिल

भारत में डिजिटल गोल्ड प्रोवाइडर्स (Digital Gold Providers) अपने आंतरिक ऑडिट (Internal Audits) और गोल्ड रिजर्व (Gold Reserves) की फिजिकल वेरिफिकेशन (Physical Verification) को तेजी से बढ़ा रहे हैं। यह कदम देश भर में लगभग 8 करोड़ ग्राहकों वाले इस उभरते हुए डिजिटल गोल्ड सेक्टर में पारदर्शिता और सेल्फ-रेगुलेशन (Self-regulation) को मजबूत करने के लिए उठाया जा रहा है।

कुछ कंपनियां फाइनेंशियल ऑडिट (Financial Audit) के लिए EY जैसी प्रमुख ऑडिट फर्मों और फिजिकल वॉल्ट इंस्पेक्शन (Physical Vault Inspection) के लिए Grant Thornton India को भी शामिल कर रही हैं। यह सब रेगुलेटर Sebi की चिंताओं को दूर करने के लिए हो रहा है, जिन्होंने पिछले साल नवंबर में इस सेक्टर को 'अनरेगुलेटेड' (Unregulated) बताया था। SafeGold, MMTC Pamp, और Augmont Gold जैसे प्रमुख खिलाड़ियों ने मिलकर 'डिजिटल प्रेशियस मेटल्स एश्योरेंस काउंसिल ऑफ इंडिया' (DPMACI) का गठन किया है। यह काउंसिल यह गारंटी देने के लिए कड़े मानक तय कर रही है कि डिजिटल गोल्ड की हर उपभोक्ता खरीद पूरी तरह से फिजिकल गोल्ड द्वारा समर्थित हो, जिसे नियमित स्वतंत्र ऑडिट और मजबूत शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal Mechanism) का समर्थन प्राप्त हो।

डिजिटल गोल्ड की मार्केट पोजीशन

डिजिटल गोल्ड, जो लोगों को 24-कैरेट फिजिकल गोल्ड को डिजिटल रूप से खरीदने, रखने और बेचने की सुविधा देता है, एक लोकप्रिय सेविंग प्रोडक्ट बना हुआ है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) के डेटा से पता चलता है कि मई में यह यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पर सबसे ज्यादा ट्रांजैक्शन (Transaction) वाली कैटेगरी में से एक था। 13 मई को गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी (Gold Import Duty) के 6% से बढ़कर 15% होने के बाद मांग में आई थोड़ी गिरावट के बावजूद, मांग तेजी से ठीक हो गई। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिसर्च हेड कविता चाको ने बताया कि मई में ट्रांजैक्शन वैल्यू (Transaction Value) और वॉल्यूम (Volume) में मासिक गिरावट देखी गई, लेकिन वॉल्यूम अभी भी 16 महीने के औसत से ऊपर था, जो निवेशकों की लगातार रुचि को दर्शाता है।

निवेशक का भरोसा और स्टैंडर्ड्स

एक स्वतंत्र गोल्ड ट्रेड एनालिस्ट (Gold Trade Analyst) भार्गव वैद्य ने कहा कि डिजिटल गोल्ड में निवेश करने वाले छोटे रिटेल निवेशकों (Retail Investors) के लिए कंपनियों की विश्वसनीयता बहुत महत्वपूर्ण है। DPMACI द्वारा तय किए गए मानकों के अनुसार, बेचे जाने वाले सभी बुलियन (Bullion) को BIS या LBMA जैसे मान्यता प्राप्त गुड डिलीवरी बेंचमार्क (Good Delivery Benchmarks) का पालन करना चाहिए। इसके अलावा, स्वतंत्र ऑडिटर्स को साल में कम से कम दो बार फिजिकल वॉल्ट ऑडिट (Physical Vault Audit) करना होगा, जिसमें सहमत सहनशीलता (Agreed Tolerances) के भीतर वजन और शुद्धता को सत्यापित करने के लिए रैंडम डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग (Random Destructive Testing) भी शामिल है।

इंडिया बुलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन (IBJA) ने भी डिजिटल गोल्ड ट्रेड के लिए एक सेल्फ-रेगुलेटरी डिवीजन शुरू किया है। IBJA के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने ऑडिटर्स नियुक्त करने के लिए सदस्यों के साथ चल रही चर्चाओं की पुष्टि की है।

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