दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को Kotak Mahindra Bank और Kotak Securities के नाम पर चल रहे फर्जी अकाउंट्स हटाने का आदेश दिया है। इन स्कैमर्स ने कई रिटेल निवेशकों को ठगा था।
दिल्ली हाईकोर्ट ने रिटेल निवेशकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने प्रमुख सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिए हैं कि वे उन सैकड़ों फर्जी अकाउंट्स को तुरंत हटा दें, जो Kotak Mahindra Bank और Kotak Securities के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे थे।
क्या है पूरा मामला?
जस्टिस विकास महाजन ने 14 अक्टूबर, 2026 को यह आदेश जारी किया। यह कार्रवाई Meta, Google, Telegram, X और LinkedIn जैसे प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ है। ये अकाउंट्स लोगों को गारंटीड और भारी मुनाफे का झांसा देकर निवेश के नाम पर ठगी कर रहे थे। कई मामलों में निवेशकों को ₹10 लाख तक का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।
कोर्ट का कड़ा रुख
कोर्ट ने साफ कहा है कि इन प्लेटफॉर्म्स को अब न केवल इन फर्जी प्रोफाइल्स को हटाना होगा, बल्कि इन्हें चलाने वालों का KYC डेटा, संपर्क नंबर और सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र भी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंपना होगा। इस डेटा के जरिए स्कैमर्स की पहचान की जा सकेगी।
इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा दूरसंचार विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे उन वेब एड्रेस को पूरे भारत में ब्लॉक करें, जिनका उपयोग इस तरह की धोखाधड़ी में किया जा रहा है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
बैंक ने अपने ग्राहकों को बार-बार आगाह किया है कि वे मैसेजिंग ऐप्स या सोशल मीडिया चैनल्स पर किसी भी निजी निवेश स्कीम के झांसे में न आएं, क्योंकि बैंक इस तरह से पैसे नहीं मांगता। बैंक के पास अब तक 100 से ज्यादा औपचारिक शिकायतें आ चुकी हैं। मामले की अगली सुनवाई अब 8 फरवरी, 2027 को होगी, जिससे भविष्य में ब्रांड नाम के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक कड़ा कानूनी नियम तय हो सकता है।
