पेमेंट का बदला ट्रेंड: UPI और क्रेडिट कार्ड का बोलबाला
भारत का पेमेंट ईकोसिस्टम (ecosystem) इन दिनों एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। पारंपरिक डेबिट कार्ड का इस्तेमाल पहले के मुकाबले काफी कम हो गया है। RBI की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच डेबिट कार्ड के ट्रांजेक्शन की संख्या 67% गिर गई है। जहाँ 2021 में 4.087 अरब ट्रांजेक्शन हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर सिर्फ 1.336 अरब रह गई। ट्रांजेक्शन की वैल्यू में भी बड़ी गिरावट देखी गई है।
डिजिटल पेमेंट की तूफानी रफ्तार
इस गिरावट का सीधा असर UPI और क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल पर दिखा है। क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन की संख्या 2021 से 2025 के बीच दोगुनी से ज्यादा हो गई है। वॉल्यूम 2.16 अरब से बढ़कर 5.7 अरब तक पहुंच गया है, जबकि वैल्यू में सालाना करीब 27% की ग्रोथ देखी गई है। वहीं, UPI अब भारत में पेमेंट का सबसे बड़ा जरिया बन गया है। 2025 के अंत तक UPI कुल ट्रांजेक्शन वॉल्यूम का 85.5% संभाल रहा है। UPI की स्पीड, इस्तेमाल में आसानी और कम लागत ने इसे लोगों की पहली पसंद बना दिया है।
बैंकों के लिए बढ़ी चिंता
इस ट्रेंड का सीधा असर बैंकों पर भी पड़ रहा है, खासकर पब्लिक सेक्टर के बैंकों पर। हालाँकि पब्लिक सेक्टर के बैंक अभी भी सबसे ज्यादा डेबिट कार्ड जारी करते हैं (1.0343 अरब), लेकिन उनका मार्केट शेयर 2021 में 67.9% से घटकर 2025 में 63.1% पर आ गया है। वहीं, प्राइवेट सेक्टर के बैंक क्रेडिट कार्ड मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं, जिनका शेयर 2025 में 70.8% तक पहुंच गया है।
डेबिट कार्ड अब सिर्फ ATM के लिए?
जानकारों का मानना है कि अब डेबिट कार्ड का इस्तेमाल मुख्य रूप से कैश निकालने (cash withdrawal) और बेसिक बैंकिंग के लिए ही रह गया है। रोजमर्रा की खरीदारी के लिए लोग अब UPI और क्रेडिट कार्ड को प्राथमिकता दे रहे हैं। क्रेडिट कार्ड खासकर ऑनलाइन शॉपिंग और EMI के लिए पसंदीदा बन गए हैं।
फिनटेक का भविष्य और चुनौतियाँ
यह डिजिटल क्रांति 'डिजिटल इंडिया' और 'JAM' (जन धन-आधार-मोबाइल) जैसी सरकारी पहलों का नतीजा है। RBI ने भी रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के जरिए बड़ा योगदान दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत का फिनटेक सेक्टर (Fintech Sector) भविष्य में और भी तेजी से बढ़ेगा। हालांकि, साइबर सुरक्षा (cybersecurity), डेटा प्राइवेसी और डिजिटल लिटरेसी जैसी चुनौतियाँ भी बनी हुई हैं।