D.E. Shaw का बड़ा फैसला: AI के बढ़ते खर्चों के बीच निवेशकों पर डाला नया 'Tech Fee' का बोझ

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
D.E. Shaw का बड़ा फैसला: AI के बढ़ते खर्चों के बीच निवेशकों पर डाला नया 'Tech Fee' का बोझ

ग्लोबल हेज फंड दिग्गज D.E. Shaw ने अपने फ्लैगशिप फंड पर **0.12%** का टेक्नोलॉजी सरचार्ज लगाने और क्लाइंट लॉकअप अवधि को बढ़ाकर **4 साल** करने का फैसला किया है।

दुनिया की दिग्गज क्वांटिटेटिव इन्वेस्टमेंट फर्म D.E. Shaw इस समय एक बड़े स्ट्रक्चरल बदलाव के दौर से गुजर रही है। फिलहाल कंपनी के पास $125 बिलियन का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) है और अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति को बनाए रखने के लिए कंपनी ने बड़ा कदम उठाया है।

नई फीस और लंबा लॉकअप

फर्म अपने फ्लैगशिप 'कंपोजिट फंड' (Composite fund) पर 0.12% का टेक्नोलॉजी सरचार्ज वसूलने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ते खर्चों को मैनेज करना है। इसके साथ ही, क्लाइंट्स के लिए लॉकअप अवधि को बढ़ाकर 4 साल कर दिया गया है, ताकि बाजार की अस्थिरता के बीच लॉन्ग-टर्म ट्रेडिंग स्ट्रैटेजीज को सुरक्षित रखा जा सके।

नई राह: Cogence और टैलेंट रिटेंशन

D.E. Shaw अब खुद को Citadel और Millennium जैसे प्रतिस्पर्धियों के सामने मजबूत करने के लिए नए प्रयोग कर रही है। फर्म ने हाल ही में 'Cogence' नाम के नए वेंचर के लिए $6 बिलियन जुटाए हैं, जो ह्यूमन पोर्टफोलियो मैनेजर्स के जरिए डिस्क्रीशनरी ट्रेडिंग पर फोकस करेगा।

इसके अलावा, जनवरी 2027 में कंपनी एक एंप्लॉई-फोक्स्ड इन्वेस्टमेंट फंड भी शुरू कर रही है। इसका मकसद टैलेंट को लंबे समय तक फर्म के साथ जोड़े रखना है, ताकि मार्केट में मौजूद कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच बेहतरीन क्वांटिटेटिव टैलेंट को रिटेन किया जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.