नतीजे और एसेट क्वालिटी में सुधार
मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही के नतीजों में DCB Bank का नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 16% बढ़कर ₹206 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, बैंक की कुल आय 7% बढ़कर ₹2,119 करोड़ हो गई, जिसमें इंटरेस्ट इनकम ₹1,907 करोड़ रही। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी बड़ा सुधार देखने को मिला, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) पिछले साल के 2.99% से घटकर 2.45% पर आ गए। नेट NPAs भी 1.12% से सुधरकर 0.89% हो गए। यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब भारतीय बैंकिंग सेक्टर मजबूती दिखा रहा है और क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीदें बढ़ रही हैं।
कैपिटल रेज़ और डिविडेंड की घोषणा
इस शानदार प्रदर्शन के बीच, बैंक के बोर्ड ने ₹2,000 करोड़ की बड़ी कैपिटल रेज़ (Capital Raise) को मंजूरी दे दी है। यह फंड इक्विटी और डेट के जरिए जुटाया जाएगा। इसके साथ ही, बैंक ने प्रति शेयर ₹1.45 का डिविडेंड (Dividend) देने की भी सिफारिश की है।
वैल्यूएशन और शेयर का प्रदर्शन
फिलहाल, DCB Bank का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो लगभग 8.7x-8.98x के आसपास है, जो BSE प्राइवेट बैंक्स इंडेक्स के 19.6x और Nifty प्राइवेट बैंक इंडेक्स के 18.5x P/E से काफी कम है। यह भारतीय बैंकों के इंडस्ट्री एवरेज P/E 12.3x से भी नीचे है। पिछले एक साल में, DCB Bank के शेयर ने भी करीब 51.14% का शानदार रिटर्न दिया है, जो निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत है।
एनालिस्ट्स का पॉजिटिव आउटलुक
विश्लेषकों (Analysts) का DCB Bank पर भरोसा कायम है। ज्यादातर ब्रोकरेज हाउसेज इसे 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं। अगले 12 महीनों के लिए, एनालिस्ट्स ने शेयर का टारगेट प्राइस औसतन ₹211.82 से ₹222.50 के बीच रखा है, जो मौजूदा लेवल्स से और तेजी की उम्मीद जगाता है।
कैपिटल रेज़ को लेकर चिंताएं
हालांकि, ₹2,000 करोड़ के कैपिटल रेज़ प्लान को लेकर कुछ चिंताएं भी जताई जा रही हैं। जानकारों का मानना है कि इससे मौजूदा शेयरधारकों के लिए इक्विटी का डाइल्यूशन (Dilution) हो सकता है। कुछ निवेशकों को डिविडेंड के साथ-साथ कैपिटल रेज़ का यह कदम थोड़ा विरोधाभासी लग रहा है। बैंक का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो इंडस्ट्री के औसत से ज्यादा है, और पिछले तीन सालों में रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) औसतन 11.2% रहा है। इसके अलावा, इंटरेस्ट रेट में कटौती से नेट इंटरेस्ट मार्जिन्स (NIMs) पर दबाव आ सकता है।
भविष्य की ग्रोथ के प्लान
आगे चलकर, DCB Bank इस जुटाए गए कैपिटल को ऐसे प्रोजेक्ट्स में लगाना चाहता है जो इक्विटी डाइल्यूशन को सही ठहरा सकें। बैंक फाइनेंशियल ईयर 25 से 27 तक अपनी एडवांसेज़ और डिपॉजिट्स में 22% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) बनाए रखने का अनुमान लगा रहा है। इसका लक्ष्य फी इनकम ग्रोथ, लागत प्रबंधन और स्थिर क्रेडिट लागतों के दम पर फाइनेंशियल ईयर 27 तक रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) को लगभग 1% तक पहुंचाना है।
