बोर्ड ने की अहम नियुक्ति की घोषणा
DCB Bank के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने श्रीPushan Mahapatra के नाम पर मुहर लगा दी है। उन्हें 10 मार्च, 2026 से प्रभावी, 3 साल की अवधि के लिए बैंक में अतिरिक्त गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया जाएगा। यहीं नहीं, बोर्ड ने उन्हें बैंक के गैर-कार्यकारी अंशकालिक चेयरमैन (Non-Executive Part-Time Chairman) की भूमिका के लिए भी नामांकित करने की सिफारिश की है।
यह नियुक्तियां शेयरहोल्डर्स की मंजूरी और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अंतिम स्वीकृति पर निर्भर करेंगी।
क्यों खास है यह नियुक्ति?
Pushan Mahapatra के पास कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) का 10 सालों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने बीमा (Insurance) और बैंकिंग (Banking) जैसे अहम क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उम्मीद है कि उनकी विशेषज्ञता बैंक के रणनीतिक फैसलों और निगरानी (Oversight) को और मजबूत करेगी।
बैकग्राउंड और अनुभव
Mahapatra का कॉर्पोरेट गवर्नेंस में गहरा अनुभव रहा है। वह Angel One Trustee Limited और Zurich Kotak General Insurance Company जैसी कई कंपनियों के निदेशक रह चुके हैं। इससे पहले, उन्होंने SBI General Insurance Company Ltd. में प्रेसिडेंट - स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स एंड हेड - ओपन मार्केट जैसे वरिष्ठ पदों पर काम किया है।
यह नियुक्ति DCB Bank में हाल के बोर्ड बदलावों का हिस्सा है। इससे पहले फरवरी 2026 में Shafiq Dharamshi और Neeta Sudhir Rege जैसे निदेशकों को भी शामिल किया गया था, जिनकी नियुक्तियां भी शेयरहोल्डर्स की मंजूरी पर निर्भर थीं।
यह ध्यान देने वाली बात है कि भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, कमर्शियल बैंकों के बोर्ड चेयरमैन का स्वतंत्र निदेशक होना अनिवार्य है, जो Mahapatra की प्रस्तावित भूमिका के महत्व को रेखांकित करता है। हालांकि, RBI आजकल बैंकों में स्वतंत्र निदेशकों पर अपनी पैनी नजर रखे हुए है।
आगे क्या?
- शेयरहोल्डर्स अब श्रीPushan Mahapatra की इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्ति पर वोट करेंगे।
- RBI श्री Mahapatra के चेयरमैन पद के नॉमिनेशन को मंजूरी देने के लिए समीक्षा करेगा।
- एक अनुभवी लीडर के आने से बैंक के गवर्नेंस स्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी।
जोखिम क्या हैं?
इस नियुक्ति में मुख्य जोखिम आवश्यक मंजूरियां प्राप्त करने में है। डायरेक्टर पद के लिए शेयरहोल्डर्स की सहमति और चेयरमैन पद के लिए RBI की मंजूरी हासिल करना एक अहम पड़ाव होगा।