DBS Bank ने भारत में अपने Wealth Management कारोबार को नई रफ्तार देने की तैयारी कर ली है। बैंक अब अमीर ग्राहकों को टारगेट करते हुए इन्वेस्टमेंट और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पर अपना फोकस बढ़ा रहा है।
कारोबार का नया मॉडल
DBS Bank अब अपने बिजनेस मॉडल को रि-कैलिब्रेट कर रहा है। बैंक के कंज्यूमर बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट हेड, Shee Tse Koon ने भारत को चीन और इंडोनेशिया के साथ एक प्रमुख बाजार के रूप में चिन्हित किया है। बैंक अब केवल साधारण रिटेल बैंकिंग से आगे बढ़कर अमीर ग्राहकों (Affluent individuals) के लिए खास इन्वेस्टमेंट और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पेश करने की तैयारी में है।
Lakshmi Vilas Bank के नेटवर्क का फायदा
नवंबर 2020 में Lakshmi Vilas Bank के विलय के बाद DBS का भारत में फिजिकल ब्रांच नेटवर्क काफी मजबूत हो गया है। इसी नेटवर्क का फायदा उठाकर बैंक अब केवल सेविंग्स अकाउंट या लोन जैसे ट्रेडिशनल प्रोडक्ट्स के बजाय हाई-मार्जिन वाली एडवाइजरी सर्विसेज पर ध्यान दे रहा है।
रेगुलेटरी चुनौतियों के बीच राह
भारत में वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर के लिए Reserve Bank of India, SEBI और IRDAI जैसे कई रेगुलेटर्स के नियमों का पालन करना होता है। इसे देखते हुए बैंक एक 'टारगेटेड अप्रोच' अपना रहा है, ताकि सीमित लेकिन असरदार प्रोडक्ट्स के साथ बाजार में अपनी जगह बनाई जा सके।
GIFT City का बड़ा रोल
बैंक अपनी GIFT City स्थित ब्रांच को एक इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर के रूप में इस्तेमाल करेगा। इसका मकसद घरेलू ग्राहकों और NRI क्लाइंट्स के बीच एक पुल बनाना है, ताकि वेल्थ मैनेजमेंट के बड़े हिस्से को कैप्चर किया जा सके।
हालांकि, भारत में मुकाबला कड़ा है। DBS को HDFC Bank, ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank और 360 ONE जैसी कंपनियों से कड़ी टक्कर मिलेगी। निवेशकों के लिए देखने वाली बात यह होगी कि क्या बैंक अपने मुनाफे के मार्जिन को बरकरार रखते हुए ग्राहकों का भरोसा जीत पाता है या नहीं।
