DBS Bank India ने अपने कॉर्पोरेट क्लाइंट्स के लिए डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने के उद्देश्य से 'DBS MAX' प्लेटफॉर्म को अपग्रेड किया है। इसके लिए बैंक ने Juspay के इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ इंटीग्रेशन किया है, जो ट्रांजेक्शन की सफलता दर को बढ़ाएगा।
टेक्नोलॉजी का नया सफर
9 सितंबर, 2026 को किए गए इस ऐलान के अनुसार, DBS Bank India अब अपने मर्चेंट कलेक्शंस प्लेटफॉर्म DBS MAX में Juspay की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को जोड़ रहा है। इस अपग्रेड का मुख्य आकर्षण 'इंटेलिजेंट ट्रांजेक्शन राउटिंग' है, जो पेमेंट को सबसे भरोसेमंद गेटवे के जरिए प्रोसेस करके फेलियर के चांस को कम कर देता है।
कॉर्पोरेट ट्रेजरी टीमों के लिए यह एक 'यूनिफाइड डैशबोर्ड' लेकर आया है। इससे कंपनियां एक ही इंटरफेस से रिफंड, ट्रांजेक्शन और रिकंसीलिएशन को आसानी से मैनेज कर सकेंगी। इसमें कार्ड टोकनाइजेशन की सुविधा भी है, जिससे मर्चेंट्स को पेमेंट प्रोवाइडर्स स्विच करने में कोई परेशानी नहीं होगी।
शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
यह डिजिटल कदम बैंक के मजबूत वित्तीय परिणामों के बीच उठाया गया है। FY26 में बैंक ने ₹1,020 करोड़ का रिकॉर्ड नेट प्रॉफिट हासिल किया है, जो पिछले साल की तुलना में 49% की भारी बढ़ोतरी है। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है, जहां ग्रॉस NPA रेशियो पिछले साल के 2.78% से घटकर 1.34% रह गया है। बैंक का CRAR यानी कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 19.7% है, जो बैंक की वित्तीय मजबूती को दर्शाता है।
रिस्क और चुनौतियां
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि DBS Bank India के शेयर भारतीय स्टॉक मार्केट में लिस्टेड नहीं हैं। साथ ही, बैंक को पूर्व 'Lakshmi Vilas Bank' (eLVB) के लोन और डिपॉजिट से जुड़े एक कानूनी विवाद का सामना करना पड़ रहा है, जिसके लिए बैंक ने ₹200 करोड़ का प्रोविजन रखा है। डिजिटल बैंकिंग के बदलते दौर में साइबर सिक्योरिटी और कॉम्पिटिशन जैसे रिस्क भी बैंक के लिए एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
