Cube Highways Trust ने अपने ₹5,000 करोड़ के IPO से पहले बड़े रणनीतिक निवेशकों से ₹1,250 करोड़ की फंडिंग हासिल कर ली है। यह IPO, जो 22 जुलाई को खुलेगा, मौजूदा यूनिटधारकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में पेश किया जाएगा। निवेशक कल प्राइस बैंड की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
प्री-IPO राउंड में ₹1,250 करोड़ का बड़ा निवेश
Cube Highways Trust ने अपने आगामी ₹5,000 करोड़ के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से पहले एक बड़ा कदम उठाते हुए ₹1,250 करोड़ की प्री-IPO फंडिंग पूरी कर ली है। इस फंड रेजिंग राउंड में Premji Invest, HDFC Group, Axis Max Life Insurance और WhiteOak Capital जैसे प्रमुख संस्थागत निवेशकों ने अपनी प्रतिबद्धता जताई है। यह निवेश इस बात का संकेत है कि आने वाले IPO में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रह सकती है।
मुख्य निवेशक और आवंटन
इस फंडिंग राउंड में, Premji Invest से जुड़ी एक निवेश इकाई Prazim Trading सबसे बड़ी निवेशक बनकर उभरी है। इन्होंने ₹950 करोड़ का निवेश 6.25 करोड़ यूनिट्स के लिए किया है। वहीं, HDFC Life Insurance Company और HDFC Pension Fund Management ने ₹100-100 करोड़ का योगदान दिया है। Axis Max Life Insurance और WhiteOak Capital ने भी ₹50-50 करोड़ का निवेश किया है। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, इन सभी निवेशकों को ₹152 प्रति यूनिट की दर से यूनिट आवंटित की जाएंगी। इन यूनिट्स पर लिस्टिंग के बाद 180 दिनों का लॉक-इन पीरियड लागू होगा।
Cube Highways Trust का बिजनेस मॉडल
Cube Highways Trust एक इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) है। यह मॉडल कई निवेशकों से पैसा इकट्ठा करके आय-उत्पन्न करने वाली इंफ्रास्ट्रक्चर संपत्तियों में निवेश करता है। वर्तमान में, ट्रस्ट के पोर्टफोलियो में भारत के 12 राज्यों में फैले 26 रोड प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इनमें टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (Toll-Operate-Transfer) और एन्युटी-आधारित (Annuity-based) प्रोजेक्ट्स का मिश्रण है, जिसमें टोल प्रोजेक्ट्स की हिस्सेदारी लगभग 85% है। 31 मार्च तक, ट्रस्ट का एंटरप्राइज वैल्यू (Enterprise Value) लगभग ₹36,842 करोड़ था। इन प्रोजेक्ट्स की औसत अवशिष्ट जीवन (Average Residual Life) 18 साल है, जो निवेशकों को स्थिर कैश फ्लो का भरोसा दिलाता है।
IPO का उद्देश्य और निवेशकों के लिए अहम बातें
यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (Offer For Sale - OFS) के रूप में होगा। इसका मतलब है कि मौजूदा यूनिटधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे, न कि कंपनी नए प्रोजेक्ट्स के लिए फ्रेश कैपिटल जुटाएगी। इसलिए, IPO से जुटाया गया पैसा सीधे ट्रस्ट को नहीं मिलेगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य ट्रस्ट को एक प्राइवेट कंपनी से पब्लिकली ट्रेडेड कंपनी में बदलना है, जिससे मौजूदा निवेशकों को लिक्विडिटी (Liquidity) मिले और संपत्तियों का मार्केट-आधारित मूल्यांकन स्थापित हो सके।
निवेशकों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि IPO का प्राइस बैंड 15 जुलाई को घोषित होने की उम्मीद है। InvIT का प्रदर्शन और आकर्षण उसके टोल कलेक्शन को बनाए रखने और मौजूदा कर्ज देनदारियों को प्रबंधित करने की क्षमता पर निर्भर करेगा। लिस्टिंग से पहले, निवेशकों को फाइनल प्राइसिंग, रिटेल और संस्थागत निवेशकों की मांग, और ट्रस्ट की परिचालन दक्षता पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
