रिटेल फाइनेंस का कमाल, मुनाफे में रिकॉर्ड तोड़ इजाफा!
CreditAccess Grameen, जो कि एक नॉन-बैंकिंग माइक्रोफाइनेंस कंपनी है, ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की आखिरी तिमाही में अपने प्रदर्शन से सबको चौंका दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 623% की जबरदस्त छलांग लगाकर ₹340 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा सिर्फ ₹47 करोड़ था। इस बेहतरीन नतीजों के पीछे कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 19.5% की बढ़ोतरी होकर ₹1,047.4 करोड़ तक पहुंचना और कुल आय में 13.6% का इजाफा होकर ₹1,598.6 करोड़ होना शामिल है। प्री-टैक्स प्रॉफिट (Profit Before Tax) तो 771.3% बढ़कर ₹445.0 करोड़ पर पहुंच गया, जो कंपनी की मजबूत रिकवरी को दिखाता है। वहीं, प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) में भी 23.1% की बढ़त के साथ ₹780.3 करोड़ का आंकड़ा पार किया।
नए ग्राहकों पर दांव, AUM में बंपर ग्रोथ
इस शानदार मुनाफे का श्रेय कंपनी की उस स्ट्रैटेजी को जाता है जहां उसने ज्यादा मार्जिन वाले रिटेल फाइनेंस प्रोडक्ट्स पर जोर दिया और नए 'न्यू-टू-क्रेडिट' ग्राहकों को जोड़ा। मार्च 2026 तक, रिटेल फाइनेंस पोर्टफोलियो का हिस्सा बढ़कर 18.1% हो गया, जो एक साल पहले केवल 5.9% था। कंपनी ने 3.32 लाख नए उधारी लेने वाले जोड़े, जिनमें 35% ऐसे लोग थे जो पहली बार कोई लोन ले रहे थे। इस ग्राहक आधार के विस्तार और डायवर्सिफाइड लेंडिंग पर फोकस के चलते, कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 14% बढ़कर ₹29,590 करोड़ हो गया। साथ ही, लोन बांटने (Disbursements) में भी 28.4% का इजाफा देखा गया, जो ₹8,313 करोड़ तक पहुंच गया।
पूरे साल के नतीजे और एसेट क्वालिटी में सुधार
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें तो, CreditAccess Grameen की कुल आय 5.3% बढ़कर ₹6,062.5 करोड़ रही और PPOP में 6.5% की बढ़ोतरी के साथ ₹2,808.6 करोड़ दर्ज किया गया। पूरे साल का नेट प्रॉफिट 46.3% बढ़कर ₹777.6 करोड़ हुआ, जिसमें Return on Assets (RoA) 2.7% और Return on Equity (RoE) 10.7% रहा। एसेट क्वालिटी में भी काफी सुधार देखने को मिला। पोर्टफोलियो एट रिस्क (PAR) 0+ डेज पिछले तिमाही के 4.4% से घटकर Q4 FY26 में 3% पर आ गया। PAR 90+ डेज 2.3% पर रहे, जबकि ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) 3.17% पर स्थिर रहे। मार्च 2026 तक कलेक्शन एफिशिएंसी (X-bucket) 99.84% की बेहतरीन दर पर बनी रही, जो ग्राहकों द्वारा लोन चुकाने की अच्छी अनुशासन को दर्शाता है।
माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में NBFC-MFIs का बढ़ता दबदबा
माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में बदलाव देखे जा रहे हैं, जहां मार्च 2026 तक ग्रॉस लोन पोर्टफोलियो (GLP) में 3.31 लाख करोड़ रुपये की एक क्रमिक रिकवरी हुई है, हालांकि यह अभी भी साल-दर-साल 13.2% कम है। CreditAccess Grameen जैसी NBFC-Micro Finance Institutions (MFIs) ग्रोथ के प्रमुख इंजन के तौर पर उभरी हैं, और उन्होंने अपना मार्केट शेयर बढ़ाकर 43.7% कर लिया है। वहीं, बैंकों की हिस्सेदारी में कमी आई है।
वैल्यूएशन चिंताएं और आगे का रास्ता
बाजार में मजबूत पकड़ के बावजूद, CreditAccess Grameen का वैल्यूएशन (Valuation) चर्चा का विषय बना हुआ है। कंपनी का पिछले बारह महीनों का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 48-49 है, जो इंडस्ट्री के औसत 20.05 से काफी ज्यादा है। इतना प्रीमियम वैल्यूएशन बताता है कि निवेशक कंपनी से लगातार मजबूत ग्रोथ और प्रॉफिट की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे मैनेजमेंट पर उम्मीदों पर खरा उतरने का दबाव बढ़ जाता है। माइक्रोफाइनेंस और स्मॉल फाइनेंस बैंकिंग में AU स्मॉल फाइनेंस बैंक और इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा भी बनी हुई है।
भविष्य की योजना और गाइडेंस
मैनेजमेंट फाइनेंशियल ईयर 2027 में प्रवेश करते हुए काफी आत्मविश्वास में है और 20-25% के AUM ग्रोथ का अनुमान लगा रहा है। कंपनी ने नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 12.8-13.2% के बीच, कॉस्ट-टू-इनकम रेश्यो 33-35% और क्रेडिट कॉस्ट 3-4% रहने का लक्ष्य रखा है। आने वाले समय में RoA 4-4.8% और RoE 16-20% के दायरे में रहने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स का नजरिया भी अधिकतर सकारात्मक है, और 'Buy' रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस मौजूदा स्तरों से ऊपर इशारा कर रहे हैं। हालांकि, मार्केट्समोजो ने अप्रैल 2026 तक 'Hold' रेटिंग दी है, जो कुछ सावधानी बरतने का संकेत देता है।
