CreditAccess Grameen Limited ने 10 मार्च 2026 को HSBC के नेतृत्व में USD 75 मिलियन (लगभग ₹625 करोड़) का एक बड़ा सिंडिकेटेड सोशल लोन हासिल किया है। इस सौदे में HSBC सोल मैंडेटेड लीड अरेंजर (Sole Mandated Lead Arranger) और बुक रनर (Bookrunner) रहा। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल अपने सोशल प्रोजेक्ट्स को मजबूती देने और माइक्रोफाइनेंस ग्राहकों के बीच फाइनेंशियल इन्क्लूजन (financial inclusion) को और बेहतर बनाने में करेगी।
यह नया फंड कंपनी के सोशल लोन फ्रेमवर्क (Social Loan Framework) के तहत इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य इस पैसे से ऐसे सोशल प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करना है जो समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को सूक्ष्म-वित्त (microfinance) के जरिए सशक्त बना सकें। इस लोन की अवधि 3 से 5 साल के बीच रखी गई है।
यह डील CreditAccess Grameen की ग्लोबल कैपिटल मार्केट तक पहुंचने की क्षमता को दर्शाती है। कंपनी इस फंड से अपने एसेट-लायबिलिटी मैनेजमेंट (Asset-Liability Management) को भी मजबूत करेगी और फंडिंग स्रोतों में विविधता लाएगी, जिससे फॉरेन बॉरोइंग्स (foreign borrowings) का हिस्सा बढ़ेगा।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, कंपनी ने पहले ही USD 300 मिलियन से अधिक की ग्लोबल फंडिंग हासिल कर ली है। पिछले वित्तीय वर्ष FY24 में भी CreditAccess Grameen ने डोमेस्टिक और इंटरनेशनल स्रोतों से ₹4,000 करोड़ (लगभग USD 480 मिलियन) से अधिक का फंड जुटाया था।
इस नए सौदे के बाद, कंपनी की फॉरेन बॉरोइंग्स का शेयर पिछले 5 सालों (FY20–FY24) में 24% तक पहुंच गया है। चालू वित्तीय वर्ष FY25-26 में 15% बॉरोइंग की जरूरतें विदेशी स्रोतों से पूरी की जा रही हैं।
निवेशकों को अब कंपनी द्वारा इन फंडों के सोशल प्रोजेक्ट्स में वास्तविक उपयोग पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कैसे यह डील कंपनी के फाइनेंशियल इन्क्लूजन प्रयासों को और मजबूत करती है और एनबीएफसी (NBFC) सेक्टर में उसकी लीडरशिप को बनाए रखती है। भविष्य में कंपनी की ESG-लिंक्ड फाइनेंसिंग (ESG-linked financing) या सोशल इंपैक्ट बॉन्ड (social impact bond) जारी करने की योजनाओं पर भी नजर रखी जा सकती है।
