Credit Saison India ने $500 मिलियन (लगभग ₹4100 करोड़) की भारी भरकम रकम जुटाई है। यह कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी एक्सटर्नल कमर्शियल बोरिंग (ECB) सिंडिकेशन है, और खास बात यह है कि इसमें एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने पहली बार शिरकत की है। इस पैसे का मुख्य मकसद MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) और सिक्योर्ड लेंडिंग के कारोबार को बढ़ाना है।
MSME को बढ़ावा और वित्तीय समावेशन
इस फंड का इस्तेमाल भारत में छोटे और मध्यम व्यवसायों (SMEs) के लिए क्रेडिट गैप को पाटने के लिए किया जाएगा। कंपनी की महिला उद्यमियों और छोटे व्यवसायों पर विशेष नजर है, ताकि वे भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। यह कदम भारत के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
ADB की एंट्री से बढ़ा भरोसा
एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की एंट्री Credit Saison India के मजबूत गवर्नेंस और पर्यावरण मानकों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ADB का साथ मिलने से कंपनी को अपने लेंडिंग ऑपरेशन्स को बड़े पैमाने पर बढ़ाने में मदद मिलेगी, साथ ही ऊंचे मानकों को बनाए रखने में भी आसानी होगी। इस फंडिंग का कुछ हिस्सा गिफ्ट सिटी (GIFT City) के जरिए आया है, जो क्रॉस-बॉर्डर फंडिंग और फाइनेंशियल इनोवेशन में इसकी भूमिका को दिखाता है।
मजबूत नेतृत्व और विजन
Credit Saison India की CEO, प्रेषा परागश (Presha Paragash) ने कहा कि ADB और मिजुहो बैंक (Mizuho Bank) जैसे मौजूदा पार्टनर्स की भागीदारी कंपनी के गवर्नेंस और समावेशी लेंडिंग पर विश्वास को दिखाती है। वहीं, Saison International के CEO, कोसुके मोरी (Kosuke Mori) ने भारत को ग्रुप की ग्लोबल स्ट्रैटेजी में अहम बताया। पिछले साल कंपनी को पैरेंट ग्रुप से $89 मिलियन का इक्विटी निवेश भी मिला था। इससे पहले अप्रैल 2025 में $300 मिलियन और मई 2025 में मिजुहो बैंक से $150 मिलियन की ECB हो चुकी है। इस तरह, एक साल से कुछ ज्यादा समय में कंपनी $1.1 बिलियन से अधिक की ECB जुटा चुकी है। मार्च 2026 तक कंपनी का लोन बुक ₹23,000 करोड़ तक पहुंच गया था, जिसमें सालाना 25-30% की ग्रोथ देखी गई।
मार्केट की स्थिति और भविष्य की योजना
Credit Saison India की यह फंड जुटाने की कवायद भारत के डिजिटल लेंडिंग मार्केट के अनुरूप है, जिसका अनुमान 2024 में $100 बिलियन से ज्यादा था। MSMEs और सिक्योर्ड लेंडिंग पर फोकस करके कंपनी उस गैप को भर रही है, जहां पारंपरिक बैंक अक्सर पीछे रह जाते हैं। कंपनी मार्च 2027 तक अपना ब्रांच नेटवर्क 150 तक बढ़ाने की योजना बना रही है, ताकि डिजिटल सेवाओं के साथ-साथ ऑन-ग्राउंड पहुंच भी सुनिश्चित हो सके। कंपनी टेक्नोलॉजी, जैसे Pennant की pennApps Lending Factory, का इस्तेमाल करके अपनी कार्यक्षमता बढ़ा रही है।
जोखिम और भविष्य की राह
Credit Saison India के सामने भारत के डिजिटल लेंडिंग सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा का जोखिम है। यदि आर्थिक हालात बिगड़ते हैं तो असुरक्षित लेंडिंग पर निर्भरता संपत्ति की गुणवत्ता के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। ADB के शामिल होने से सोशल और पर्यावरण मानकों पर ज्यादा ध्यान देने की उम्मीद है। पैरेंट कंपनी का डेट रेश्यो (मार्च 2025 तक 478.5%) ज्यादा है, लेकिन भारतीय सब्सिडियरी के पास दिसंबर 2025 तक ₹3,897 करोड़ की नेट वर्थ और 4.2 गुना गियरिंग जैसे मजबूत पैरामीटर्स हैं, जो नियमित इक्विटी निवेश से समर्थित हैं।
यह रणनीतिक पूंजी जुटाना Credit Saison India को MSME और सिक्योर्ड लेंडिंग में महत्वपूर्ण विस्तार के लिए तैयार करता है। लोन बुक और ब्रांच नेटवर्क में वृद्धि यह संकेत देती है कि कंपनी भारत में एक प्रमुख NBFC बनने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है। ADB की भागीदारी और मौजूदा पार्टनर्स का लगातार समर्थन भविष्य में और फंडिंग के लिए सकारात्मक संकेत देता है। कंपनी का लक्ष्य टेक्नोलॉजी का लाभ उठाकर और वंचित वर्गों की सेवा करके भारत की क्रेडिट मांग को पूरा करना है।
