भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 'पेमेंट सिस्टम्स रिपोर्ट' ने 2019 से 2024 तक भारत में क्रेडिट और डेबिट कार्ड के उपयोग में एक महत्वपूर्ण अंतर उजागर किया है। क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन की मात्रा दोगुनी से अधिक बढ़कर 2,087 मिलियन से 4,472 मिलियन हो गई है, जबकि इनका कुल मूल्य 7.1 ट्रिलियन रुपये से बढ़कर 20.4 ट्रिलियन रुपये हो गया है, जो लगभग तीन गुना है। इसके विपरीत, इसी पांच साल की अवधि में डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन में काफी गिरावट आई है, जिसमें वॉल्यूम 4,953 मिलियन से गिरकर 1,738 मिलियन हो गया है और मूल्य 6.83 ट्रिलियन रुपये से घटकर 5.15 ट्रिलियन रुपये हो गया है।
RBI के अनुसार, क्रेडिट कार्ड को ऑनलाइन खरीदारी और क्रेडिट तक पहुंच के लिए तेजी से पसंद किया जा रहा है, जबकि डेबिट कार्ड मुख्य रूप से नकदी निकासी और रोजमर्रा की खरीद के लिए उपयोग किए जा रहे हैं। हालांकि, दोनों तरह के कार्ड तेजी से बढ़ते डिजिटल भुगतान विधियों, विशेष रूप से यूपीआई (UPI) से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं।
रिपोर्ट में बैंकों के बीच बाजार हिस्सेदारी में बदलाव का भी विवरण दिया गया है। निजी क्षेत्र के बैंक क्रेडिट कार्ड बाजार का नेतृत्व करना जारी रखे हुए हैं, अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं और डिजिटल व सह-ब्रांडेड उत्पादों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने भी थोड़ी वृद्धि देखी है। हालांकि, विदेशी बैंकों की क्रेडिट कार्ड बाजार हिस्सेदारी में तेज गिरावट आई है। डेबिट कार्ड सेगमेंट में, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की अभी भी प्रमुख स्थिति है, लेकिन उनकी हिस्सेदारी घट रही है, जिसका एक आंशिक कारण यूपीआई-आधारित भुगतानों का उदय है। निजी क्षेत्र के बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक डेबिट कार्ड स्पेस में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहे हैं।
प्रभाव: यह प्रवृत्ति भारत में उपभोक्ता भुगतान व्यवहार में एक मूलभूत परिवर्तन का संकेत देती है, जो उच्च-मूल्य वाले लेनदेन के लिए क्रेडिट-आधारित खर्च और रोजमर्रा के उपयोग के लिए डिजिटल चैनलों की ओर बढ़ रहा है। वित्तीय संस्थानों को अपनी रणनीतियों को अनुकूलित करने की आवश्यकता होगी, जिसमें क्रेडिट कार्ड जारीकर्ताओं को राजस्व धाराओं में वृद्धि से लाभ होने की संभावना है, जबकि डेबिट कार्ड लेनदेन शुल्क पर अत्यधिक निर्भर रहने वालों को विविधीकरण की आवश्यकता हो सकती है। यूपीआई से बढ़ती प्रतिस्पर्धा पारंपरिक कार्ड नेटवर्क और बैंकों पर भी दबाव डालती है। यह बदलाव वित्तीय सेवाओं और फिनटेक क्षेत्रों में निवेश निर्णयों को प्रभावित कर सकता है। रेटिंग: 7/10।
क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शंस बढ़े, डेबिट कार्ड का इस्तेमाल घटा: डिजिटल शिफ्ट का असर, RBI रिपोर्ट
BANKINGFINANCEOverview
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि 2019 से 2024 के बीच क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शंस की संख्या दोगुनी और मूल्य लगभग तीन गुना हो गया है। इसके विपरीत, इसी अवधि में डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शंस की संख्या और मूल्य दोनों में गिरावट देखी गई है। इस बदलाव का कारण ऑनलाइन खरीदारी और क्रेडिट तक पहुंच के लिए क्रेडिट कार्ड का बढ़ता उपयोग है, जबकि डेबिट कार्ड का उपयोग नकदी निकासी और सामान्य लेनदेन के लिए अधिक हो रहा है। यूपीआई (UPI) जैसे डिजिटल विकल्पों से दोनों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। निजी क्षेत्र के बैंक क्रेडिट कार्ड सेगमेंट में अपना दबदबा बढ़ा रहे हैं।
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