क्रेडिट कार्ड खर्च में नरमी! नवंबर में खर्चों में आई बड़ी गिरावट - आगे क्या?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
क्रेडिट कार्ड खर्च में नरमी! नवंबर में खर्चों में आई बड़ी गिरावट - आगे क्या?
Overview

नवंबर में भारत में क्रेडिट कार्ड का खर्च 11% से अधिक गिरकर ₹1.90 लाख करोड़ हो गया, जो अक्टूबर में चरम पर पहुंचने के बाद त्योहारी सीजन के स्तर पर लौट आया है। महीने-दर-महीने गिरावट के बावजूद, खर्च साल-दर-साल लगभग 12% बढ़ा है। कार्ड जारीकर्ताओं ने अपने आधार का विस्तार जारी रखा, 847,000 नए कार्ड जोड़कर कुल 114.8 मिलियन कार्ड प्रचलन में लाए। विशेषज्ञों ने इस मंदी का कारण त्योहारी सीजन के बाद सामान्यीकरण और सतर्क उपभोक्ता व्यवहार बताया है, लेकिन साल के अंत में खपत बढ़ने की उम्मीद है।

क्रेडिट कार्ड खर्च में नवंबर में नरमी\n\nनवंबर में पूरे भारत में क्रेडिट कार्ड खर्च में काफी नरमी देखी गई, जो पिछले महीने की तुलना में 11% से अधिक गिर गया। कुल व्यय ₹1.90 लाख करोड़ तक गिर गया, जो व्यस्त त्योहारी सीजन से पहले के स्तर पर लौट आया है। यह अक्टूबर में दर्ज ₹2.14 लाख करोड़ की तुलना में एक उल्लेखनीय गिरावट है।\n\n### महीने-दर-महीने गिरावट, साल-दर-साल वृद्धि\n\nमासिक गिरावट के बावजूद, क्रेडिट कार्ड के माध्यम से उपभोक्ता खर्च साल-दर-साल मजबूत बना हुआ है। नवंबर 2023 का खर्च नवंबर 2022 में खर्च किए गए ₹1.71 लाख करोड़ से लगभग 12% अधिक था। यह दर्शाता है कि छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव के बावजूद, लंबी अवधि में क्रेडिट कार्ड के उपयोग में लगातार वृद्धि हो रही है।\n\n### कार्ड आधार का विस्तार जारी\n\nवित्तीय संस्थानों ने नवंबर में सक्रिय रूप से ग्राहक अधिग्रहण का पीछा किया, 847,000 नए क्रेडिट कार्ड जोड़े। इस विस्तार से प्रचलन में क्रेडिट कार्डों की कुल संख्या प्रभावशाली 114.8 मिलियन हो गई है। नए कार्डों का स्थिर जारी होना बैंकों द्वारा बाजार हिस्सेदारी हासिल करने और लेनदेन की मात्रा बढ़ाने के चल रहे प्रयासों का सुझाव देता है।\n\n### विशेषज्ञों की राय\n\nकेयर रेटिंग्स में BFSI अनुसंधान के एसोसिएट डायरेक्टर, सौरभ भालerao ने इस प्रवृत्ति पर टिप्पणी की। उन्होंने नवंबर में गिरावट का श्रेय वस्तु एवं सेवा कर (GST) के बाद सामान्यीकरण और त्योहारी मांग की प्राकृतिक शीतलता को दिया। उन्होंने कार्ड आधार के तेजी से विस्तार और सतर्क उपभोक्ता खर्च की आदतों के बीच कम मूल्य के लेनदेन की ओर संभावित बदलाव की ओर भी इशारा किया।\n\n### भविष्य का दृष्टिकोण\n\nआगे देखते हुए, भालerao खर्च की गति में तेजी की उम्मीद करते हैं। इससे सामान्य साल के अंत की खपत के पैटर्न, विशेष रूप से सरकारी बैंकों से लगातार स्थिर कार्ड जारी करने और लक्षित प्रचार गतिविधियों का समर्थन मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, क्रेडिट कार्ड खर्च में मध्यम-एकल-अंक की साल-दर-साल वृद्धि दर बनाए रखने का अनुमान है।\n\nऑनलाइन लेनदेन और सेवा-आधारित खर्च को तेजी से परिपक्व होते बाजार में अतिरिक्त समर्थन के प्रमुख चालक माना जा रहा है। ध्यान विकसित हो रही उपभोक्ता प्राथमिकताओं और डिजिटल भुगतान प्रवृत्तियों पर बना हुआ है।\n\n### प्रमुख बैंक\n\nHDFC बैंक ने एक बार फिर नवंबर में 208,000 कार्ड जारी करके नए क्रेडिट कार्ड जोड़ने में बाजार का नेतृत्व किया। इससे उसका कुल क्रेडिट कार्ड बेस 25.6 मिलियन हो गया है। बैंक क्रेडिट कार्ड बाजार में अपनी प्रमुख स्थिति बनाए हुए है।\n\nएक उल्लेखनीय विकास में, फेडरल बैंक शीर्ष तीन जारीकर्ताओं में एक आश्चर्यजनक प्रवेशकर्ता के रूप में उभरा। इस मध्यम आकार के ऋणदाता ने अपने कार्ड पोर्टफोलियो का आक्रामक रूप से विस्तार किया है, और इस महीने 121,000 नए कार्ड जोड़े हैं। इस वृद्धि ने इसके कुल क्रेडिट कार्ड बेस को 1.8 मिलियन से अधिक बढ़ा दिया है।\n\nSBI कार्ड्स ने तीसरा स्थान हासिल किया, 109,000 कार्डों के शुद्ध जोड़ की रिपोर्टिंग की, जिससे उसके कुल कार्ड बेस 21.7 मिलियन में योगदान हुआ। ICICI बैंक 106,000 नए कार्ड जोड़कर कुल 18.5 मिलियन तक पहुंच गया।\n\nअन्य प्रमुख खिलाड़ियों ने भी वृद्धि देखी। एक्सिस बैंक ने 66,000 से अधिक कार्ड जोड़े, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक ने चुनौतियों का सामना करने के बाद, 25,206 शुद्ध जोड़ के साथ सुधार के संकेत दिखाए। इसके विपरीत, इंडसइंड बैंक ने नवंबर के दौरान 38,000 से अधिक कार्ड खो दिए, जिससे गिरावट का अनुभव हुआ।\n\n### बाजार की गतिशीलता और प्रभाव\n\nविश्लेषकों ने नोट किया कि क्रेडिट कार्ड खंड में वृद्धि की नरमी बैंकों के उच्च-गुणवत्ता वाले ग्राहकों को प्राप्त करने पर रणनीतिक फोकस से भी प्रभावित हो रही है। यह दृष्टिकोण असुरक्षित ऋण के कुछ खंडों में बढ़ती हुई अशक्षमताओं (delinquencies) के बीच आता है।\n\nऋणदाताओं ने सख्त अंडरराइटिंग प्रक्रियाओं को लागू किया है, जोखिम भरे ग्राहक समूहों को कम किया है, और निगरानी बढ़ाई है। इन उपायों का उद्देश्य संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार करना है। ट्रांसयूनियन सिबिल के एमडी, भवेश जैन ने इस प्रवृत्ति की पुष्टि करते हुए कहा, "पिछले कुछ तिमाहियों में, क्रेडिट कार्डों में नई उत्पत्ति (originations) में मंदी देखी गई और साथ ही अशक्षमताओं (delinquencies) में वृद्धि हुई, जो व्यापक आर्थिक दबावों और पोर्टफोलियो-स्तर के जोखिमों दोनों की वजह से था। लेकिन, सुधारात्मक कार्रवाइयों ने परिणाम दिखाना शुरू कर दिया है, और हाल की तिमाहियों में संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।"\n\nप्रभाव: इस खबर से उपभोक्ता खर्च में नरमी का संकेत मिलता है, जो क्रेडिट कार्ड जारीकर्ताओं और बैंकों के राजस्व वृद्धि को प्रभावित कर सकती है। जबकि साल-दर-साल वृद्धि सकारात्मक बनी हुई है, मासिक मंदी एक सतर्क आर्थिक दृष्टिकोण का संकेत दे सकती है। निवेशक उपभोक्ता स्वास्थ्य और बैंक लाभप्रदता के एक प्रमुख संकेतक के रूप में क्रेडिट कार्ड खर्च की निगरानी करेंगे। (Impact Rating: 6/10)

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