Credent Global Finance Limited के लिए पिछला तिमाही (Q3 FY26, जो 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुआ) वाकई में एक शानदार दौर साबित हुआ है। कंपनी ने ऐसे नतीजे पेश किए हैं जिसने बाजार को चौंका दिया है। इसी शानदार प्रदर्शन के दम पर अब कंपनी शेयर बाजार से फंड जुटाने की तैयारी कर रही है, जिसके लिए QIP (Qualified Institutions Placement) का रास्ता खोला गया है।
मुनाफे में आया जबरदस्त उछाल
कंपनी के ताजा नतीजों के मुताबिक, Q3 FY26 में Credent Global Finance का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹18.02 करोड़ रहा। यह पिछले साल की समान अवधि (Q3 FY25) के ₹0.47 करोड़ के मुकाबले 3791.4% की विस्फोटक बढ़ोतरी है। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) में भी जोरदार उछाल देखा गया। स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹25.74 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹0.29 करोड़ से 775.4% ज्यादा है।
खास बात यह है कि इस शानदार मुनाफे का मुख्य कारण ₹23.83 करोड़ की फाइनेंशियल एसेट्स की रिकवरी (Asset Recovery) रही है।
QIP के जरिए फंड जुटाने की तैयारी
कंपनी के इस दमदार प्रदर्शन के बाद, बोर्ड ने QIP के जरिए कैपिटल जुटाने की मंजूरी दे दी है। इस इश्यू के लिए फ्लोर प्राइस (Floor Price) ₹29.37 प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है। QIP एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें लिस्टेड कंपनियां सीधे क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) जैसे म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस कंपनियों आदि से फंड जुटा सकती हैं। यह आईपीओ (IPO) या एफपीओ (FPO) की तुलना में एक तेज और किफायती तरीका माना जाता है।
कंपनी की मौजूदा स्थिति
14 फरवरी 2026 तक, Credent Global Finance Limited का मार्केट कैप (Market Capitalization) लगभग ₹152 करोड़ था और शेयर की कीमत ₹29.59 पर कारोबार कर रही थी।
यह ध्यान देने वाली बात है कि कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) काफी कम, करीब 0.24 है, और कंपनी पर कोई लॉन्ग-टर्म डेट (Long-term Debt) नहीं है। हालांकि, प्रमोटर होल्डिंग (Promoter Holding) 31.1% है, जो पिछले तीन सालों में कुछ कम हुई है।
जोखिम और आगे की राह
कंपनी की हालिया जबरदस्त रिकवरी एसेट रिकवरी पर आधारित है, ऐसे में इस ग्रोथ की सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) पर सवाल बने हुए हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि QIP से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कंपनी किस तरह से अपने मुख्य बिजनेस को बढ़ाने में करती है, बजाय इसके कि सिर्फ एसेट रिकवरी से होने वाले फायदे पर निर्भर रहे।
एनबीएफसी (NBFC) सेक्टर में Credent Global Finance जैसी कई बड़ी कंपनियां जैसे Bajaj Finance, Shriram Finance, और Muthoot Finance भी मौजूद हैं, जिनका मार्केट कैप Credent Global Finance के मुकाबले बहुत बड़ा है। ऐसे में, Credent Global Finance के लिए अपनी स्थिति मजबूत करना एक बड़ी चुनौती होगी।