Continental Securities अपने गोल्ड लोन बिजनेस और डिजिटल म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को बढ़ाने के लिए नई पूंजी जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी जयपुर में नई शाखाएं खोलकर अपने हालिया मुनाफे के मोमेंटम को आगे बढ़ाना चाहती है।
आक्रामक विस्तार की योजना
Continental Securities ने अब अपने लेंडिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज ऑपरेशंस को बड़े स्तर पर ले जाने का फैसला किया है। कंपनी ने गोल्ड लोन पोर्टफोलियो और डिजिटल म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन को विस्तार देने के लिए नई पूंजी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी कड़ी में, जयपुर में नई शाखाएं खोलकर कंपनी सुरक्षित क्रेडिट की बढ़ती मांग को भुनाने की कोशिश कर रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का दम
यह कदम कंपनी की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह MSME और मॉर्गेज लोन से आगे बढ़कर अपने पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करना चाहती है। जून 2026 तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी उत्साहजनक रहा है। कंपनी ने ₹0.70 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 45.83% का उछाल दिखाता है। मौजूदा समय में कंपनी का मार्केट कैप ₹65–69 करोड़ के दायरे में है।
चुनौतियां और भविष्य की राह
इससे पहले जनवरी और फरवरी 2026 में कंपनी ने प्रेफरेंशियल शेयर इश्यू के जरिए ₹189 करोड़ जुटाए थे। नई पूंजी जुटाने की इस ताजा योजना से निवेशकों में इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) की चिंता भी बनी रह सकती है।
गोल्ड लोन का क्षेत्र काफी प्रतिस्पर्धी है, जहां कंपनी का मुकाबला बड़े बैंकों और स्थापित NBFCs से है। साथ ही, सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर कोलेटरल की वैल्यू को प्रभावित करते हैं, जो एक बड़ा रिस्क फैक्टर है।
लीडरशिप स्तर पर भी बदलाव हुए हैं, जहां सितंबर में राजेश खुटेता को मैनेजिंग डायरेक्टर और चेयरमैन बनाया गया है। अब सभी की निगाहें 28 सितंबर, 2026 को होने वाली 36वीं AGM पर टिकी हैं, जहां कंपनी अपनी आगे की रणनीति का खुलासा कर सकती है।
