Coforge के बोर्ड में मची हलचल के बाद कंपनी ने सर्च फर्म Egon Zehnder को हायर किया है। चेयरमैन OP Bhatt और NRC प्रमुख DK Singh के अचानक इस्तीफे के बाद अब नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की तलाश तेज हो गई है।
बोर्ड में बड़ा बदलाव
Coforge में इन दिनों टॉप लेवल पर भारी उथल-पुथल है। चेयरमैन OP Bhatt (इस्तीफा: 8 सितंबर) और NRC प्रमुख DK Singh (इस्तीफा: 10 सितंबर, 2026) के जाने के बाद कंपनी अपनी गवर्नेंस को दुरुस्त करने में जुटी है। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए ग्लोबल सर्च फर्म Egon Zehnder को जिम्मेदारी सौंपी गई है जो दो नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स को बोर्ड में लाएगी।
KPMG ऑडिट में हुआ बड़ा खुलासा
यह सब तब शुरू हुआ जब FY27 की प्लानिंग के दौरान KPMG ने एक इंटरनल ऑडिट किया। इस ऑडिट में बोर्ड की पारदर्शिता (transparency) में बड़ी कमी पाई गई। रिपोर्ट के अनुसार, परफॉरमेंस इवैल्यूएशन से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा को बोर्ड के बाकी सदस्यों से छिपाया गया था और यह कुछ चुनिंदा लोगों तक ही सीमित था। कंपनी ने माना है कि पूर्व चेयरमैन ने निर्देश दिया था कि विशिष्ट परफॉरमेंस डेटा सर्कुलेट न किया जाए, जिसे अब ठीक करने का काम जारी है।
मैनेजमेंट और ऑपरेशंस पर क्या असर?
बोर्ड लेवल की इस खटपट के बीच कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बिजनेस ऑपरेशंस पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। अंतरिम चेयरपर्सन के तौर पर Vivek Sharma को 31 जनवरी, 2027 तक नियुक्त किया गया है। CFO Saurabh Goel ने साफ कहा है कि FY27 के लिए कंपनी की फाइनेंशियल गाइडेंस बरकरार है। CEO Sudhir Singh का भी कहना है कि दूसरी तिमाही के अंत तक बड़े डील्स का पाइपलाइन बेहतर बना हुआ है।
हालांकि, इन्वेस्टर्स के लिए यह स्थिति सतर्क रहने वाली है, क्योंकि गवर्नेंस लैप्स कंपनी की साख पर सवाल खड़े करता है। अब बाजार की नजरें इस बात पर हैं कि नए डायरेक्टर्स के आने के बाद बोर्ड की कार्यप्रणाली में कितना सुधार आता है और क्या कंपनी पुरानी गलतियों को दोहराने से बच पाएगी।
