City Union Bank Q1 Profit ₹383 करोड़ पार, 25% की तूफानी तेजी

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AuthorMehul Desai|Published at:
City Union Bank Q1 Profit ₹383 करोड़ पार, 25% की तूफानी तेजी

City Union Bank (CUB) ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों में दमदार प्रदर्शन किया है। बैंक का नेट प्रॉफिट **25%** बढ़कर **₹383 करोड़** हो गया है। यह बढ़ोतरी लोन ग्रोथ और ब्याज से होने वाली आय (Interest Income) में उछाल के दम पर हुई है। साथ ही, बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में भी सुधार दिखा है, ग्रॉस बैड लोन घटकर **1.73%** पर आ गए हैं।

Detailed Coverage

मुनाफे में आई बम्पर उछाल

City Union Bank (CUB) ने 30 जून, 2026 को समाप्त पहली तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल नतीजे पेश किए हैं। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में बैंक का नेट प्रॉफिट 25% की जोरदार छलांग लगाकर ₹383 करोड़ पर पहुंच गया है। इस शानदार नतीजे की मुख्य वजह नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) में 31% का इजाफा है, जो ₹820 करोड़ रहा। बैंक के कोर बैंकिंग ऑपरेशंस में अच्छी तेजी दिखी, जहां कुल एडवांसेज (Total Advances) 25% बढ़कर ₹67,645 करोड़ हो गए।

रिटेल और MSME सेग्मेंट पर खास फोकस

बैंक की लोन ग्रोथ में रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME (RAM) सेग्मेंट्स का बड़ा योगदान रहा। दूसरी ओर, डिपॉजिट्स (Total Deposits) में 21% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹79,342 करोड़ पर पहुंच गए। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin), जो कमाए गए इंटरेस्ट और दिए गए इंटरेस्ट के बीच का अंतर मापता है, पिछले साल के 3.54% से बढ़कर 3.78% हो गया। मैनेजमेंट का अनुमान है कि पूरे फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए बिजनेस ग्रोथ की रफ्तार करीब 20% बनी रहेगी।

एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार

बैंक के एसेट क्वालिटी मेट्रिक्स में लगातार सुधार देखा जा रहा है। इस तिमाही में ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPAs) घटकर 1.73% रह गए, जो पिछले साल की इसी अवधि में 2.99% थे। इसी तरह, नेट एनपीए (Net NPAs) भी 1.20% से घटकर 0.61% पर आ गए। बैंक पिछले बारह तिमाहियों से अपनी एसेट क्वालिटी को सफलतापूर्वक मैनेज कर रहा है। इसके अलावा, बैंक ने ₹200 करोड़ फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (FCNR-B) डिपॉजिट्स के जरिए 7.1% इंटरेस्ट रेट पर जुटाए हैं, जो विदेश में कोई फिजिकल प्रेजेंस न होने के बावजूद स्टेबल फंडिंग आकर्षित करने की क्षमता दिखाता है।

भविष्य की राह और चिंताएं

मैनेजमेंट का कहना है कि MSME सेग्मेंट, खासकर टेक्सटाइल इंडस्ट्री और तिरुपुर क्लस्टर में भविष्य सकारात्मक दिख रहा है। बैंक ने अपने MSME ग्राहकों को सपोर्ट करने के लिए इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) का इस्तेमाल किया है, जिसके तहत ECLGS 5.0 के तहत कुल ₹800 करोड़ का डिस्बर्समेंट हुआ है। जैसे-जैसे बैंक अपने लोन बुक का विस्तार कर रहा है, निवेशकों की नजरें इस पर रहेंगी कि ब्याज दरों के माहौल में उतार-चढ़ाव आने पर मार्जिन लेवल्स कैसे बने रहते हैं। आने वाली तिमाहियों में मुख्य रूप से बैंक की कम एनपीए लेवल्स बनाए रखने की क्षमता, MSME सेक्टर में वास्तविक डिमांड ग्रोथ और डिपॉजिट्स व लोन की प्रतिस्पर्धी कीमतों के बीच नेट इंटरेस्ट मार्जिन की स्थिरता पर ध्यान देना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.