शानदार नतीजे, जबरदस्त ग्रोथ!
City Union Bank ने नए फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में अपना रिकॉर्डतोड़ मुनाफा दर्ज किया है। बैंक का नेट प्रॉफिट ₹360 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 25% की शानदार बढ़ोतरी दिखाता है। बैंक के नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी जबरदस्त उछाल आया है, जो पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए 31% बढ़कर ₹786 करोड़ हो गया। वहीं, बैंक के डिपॉजिट्स में भी 23% की अच्छी ग्रोथ देखी गई और ये ₹78,308 करोड़ तक पहुंच गए। इन दमदार नतीजों के दम पर CUB के शेयरों में हलचल बढ़ी और करीब 35 लाख शेयर ट्रेड हुए। फिलहाल, शेयर अपने 52-हफ्ते की रेंज ₹172.01 से ₹324.10 के बीच ₹271.21 के करीब कारोबार कर रहा है।
एसेट क्वालिटी सुधरी, शेयरधारकों को तोहफा!
सिर्फ मुनाफे में ही नहीं, बैंक की एसेट क्वालिटी में भी काफी सुधार हुआ है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) घटकर 1.91% रह गए, जो पिछले साल 3.09% थे। वहीं, नेट एनपीए (Net NPA) भी 1.25% से सुधरकर 0.68% पर आ गए हैं। यह लगातार आठवां क्वार्टर है जब बैंक ने अपने एनपीए को कम किया है।
शेयरधारकों को खुश करने के लिए, CUB ने ₹2 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) का भी ऐलान किया है। साथ ही, बोर्ड ने 1:3 के रेश्यो में बोनस शेयर (Bonus Share) देने की भी सिफारिश की है, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार है।
एनालिस्ट्स का भरोसा, बढ़ाया टारगेट
बैंक के इन शानदार नतीजों पर एनालिस्ट्स (Analysts) भी पॉजिटिव हैं। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म JM Financial ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹320 रखा है। कुल मिलाकर, 21 एनालिस्ट्स में से ज्यादातर 'Buy' की सलाह दे रहे हैं और 12 महीने का औसत टारगेट प्राइस लगभग ₹305.52 रखा है।
वैल्यूएशन की बात करें तो, CUB का P/E रेश्यो 15-17x के बीच है, जो HDFC Bank और ICICI Bank (19-21x) से कम है। हालांकि, यह State Bank of India (12-13x) से थोड़ा ज्यादा है।
जोखिम और सेक्टर का परिदृश्य
हालांकि, कुछ जोखिम भी बने हुए हैं। CUB की साउथ इंडिया, खासकर तमिलनाडु में बड़ी मौजूदगी, इसे क्षेत्रीय एकाग्रता का जोखिम देती है। बोनस शेयर के ऐलान से प्रति शेयर आय (EPS) पर थोड़ा असर पड़ सकता है। इंडस्ट्री लेवल पर, क्रेडिट ग्रोथ धीमी रहने और डिपॉजिट्स पर बढ़ते खर्च से नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव आ सकता है। CUB का ग्रॉस NPA रेश्यो 1.91% अभी भी HDFC Bank (1.15%) और ICICI Bank (1.4%) जैसे बड़े बैंकों से पीछे है।
आगे की राह
इसके बावजूद, एनालिस्ट्स का भरोसा बना हुआ है। बैंक का MSME और रिटेल लेंडिंग पर फोकस, मजबूत कैपिटल एडिक्वेसी के साथ, भविष्य में उसे अच्छा प्रदर्शन करने में मदद करेगा। शेयरधारकों की नजरें अब बैंक की अगली रणनीति पर टिकी रहेंगी।
