नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
बैंक के मैनेजमेंट के अनुसार, 21% की जबरदस्त एडवांसेज ग्रोथ का मतलब है कि बैंक ने कस्टमर्स को ₹60,892 करोड़ का लोन दिया है। यह पिछले 28 तिमाहियों का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। साथ ही, डिपॉजिट्स (Deposits) में भी 21% की बढ़त देखी गई, जो अब ₹70,516 करोड़ हो गई है।
नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में भी सुधार हुआ है। Q3 FY26 में यह 3.89% रहा, जो पिछली तिमाही (Q2 FY26) के 3.63% से काफी बेहतर है। यह तेजी डिपॉजिट्स की बेहतर री-प्राइसिंग और गोल्ड लोन पोर्टफोलियो के बढ़ने की वजह से आई है। 9 महीनों (9M) के लिए NIM 3.69% रहा।
एसेट क्वालिटी में सुधार
बैंक ने अपनी एसेट क्वालिटी को भी मजबूत किया है। ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) घटकर 2.17% पर आ गया है, जो पिछली तिमाही के 2.42% से कम है। नेट एनपीए (Net NPA) भी काफी गिरकर 0.78% यानी ₹469 करोड़ पर पहुंच गया है। प्रोविज़न कवरेज रेशियो (PCR) अब 83% हो गया है।
मुनाफे पर एक नज़र
प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 16% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई है, जो Q3 FY26 में ₹332 करोड़ रहा। 9 महीनों (9M) में कुल PAT ₹967 करोड़ रहा। रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) 9M FY26 के लिए 1.55% रहा, जो बैंक के 1.5% के टारगेट से ज़्यादा है।
कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो (Cost-to-Income Ratio) Q3 FY26 के लिए 48.56% रहा, जो मैनेजमेंट के 48-50% के अनुमान के अंदर है।
मैनेजमेंट की क्या है राय?
बैंक के मैनेजमेंट का मानना है कि FY26 में रेवेन्यू ग्रोथ हाई-टीन (High-teen) रेंज में रहेगी, जो इंडस्ट्री से बेहतर होगी। NIMs के स्थिर रहने की उम्मीद है, जिसमें Q4 FY26 में ± 10 bps का उतार-चढ़ाव और FY27 के लिए 3.75%-4% का टारगेट बैंड शामिल है। बैंक का नेट वर्थ (Net Worth) अब ₹10,000 करोड़ के पार निकल गया है।
एक अहम बात यह भी है कि MD & CEO डॉ. एन. कामकोटी का कार्यकाल 30 अप्रैल 2026 को खत्म हो रहा है।
आगे की राह और जोखिम
आगे चलकर, ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और अगले साल नेतृत्व परिवर्तन (Leadership Transition) मुख्य जोखिम बने रह सकते हैं। निवेशकों की नज़रें इस बात पर रहेंगी कि बैंक अपनी क्रेडिट ग्रोथ की रफ्तार कैसे बनाए रखता है और MSME, गोल्ड लोन व सिक्योर रिटेल जैसे कोर सेगमेंट पर उसका फोकस कितना मजबूत रहता है।