Q4 में बैंक ने कैसे किया कमाल?
City Union Bank ने इस तिमाही में ₹2,146.09 करोड़ की कुल आय दर्ज की है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 20.30% ज्यादा है। वहीं, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए बैंक का नेट प्रॉफिट 18.03% बढ़कर ₹1,326.23 करोड़ पर पहुंच गया है। इस शानदार परफॉरमेंस की एक बड़ी वजह बैंक की एसेट क्वालिटी में हुआ जबरदस्त सुधार है।
एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार
बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, 1.91% पर आ गए हैं, जो पिछले साल 3.09% थे। इसी तरह, नेट एनपीए भी घटकर 0.68% रह गए, जबकि पहले ये 1.24% थे। खराब लोन में यह कमी सीधे तौर पर बैंक के मुनाफे को बढ़ाने में मददगार साबित हुई है।
शेयरधारकों को मिला बड़ा तोहफा
अपनी मजबूत वित्तीय स्थिति का जश्न मनाते हुए, City Union Bank के बोर्ड ने शेयरधारकों को पुरस्कृत करने का फैसला किया है। बोर्ड ने ₹2 प्रति इक्विटी शेयर डिविडेंड देने की सिफारिश की है। इसके अलावा, बैंक 1:3 के अनुपात में बोनस शेयर जारी करेगा, यानी हर 3 मौजूदा शेयरों पर 1 नया शेयर मिलेगा। इससे बैंक के इक्विटी बेस को मजबूत करने और निवेशकों को फायदा पहुंचाने में मदद मिलेगी।
मार्केट की प्रतिक्रिया और वैल्यूएशन
इन नतीजों के ऐलान के बाद, City Union Bank के शेयर में 3% से ज्यादा की तेजी देखी गई और यह ₹271.20 के आसपास कारोबार कर रहा था, जिसने निफ्टी बैंक इंडेक्स के मामूली उछाल को भी पीछे छोड़ दिया। अगर वैल्यूएशन की बात करें, तो बैंक का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 15-17x है, जो HDFC Bank और ICICI Bank (19-21x) जैसे बड़े प्राइवेट बैंकों की तुलना में आकर्षक लगता है। SBI का P/E लगभग 12-13x है। ऐसे में, मजबूत एसेट क्वालिटी और रिटेल व MSME लेंडिंग पर फोकस को देखते हुए CUB बेहतर वैल्यू दे सकता है।
आगे की राह और चुनौतियां
भविष्य की बात करें तो एनालिस्ट्स सिटी यूनियन बैंक को लेकर पॉजिटिव नजर आ रहे हैं और ज्यादातर ब्रोकरेज 'बाय' रेटिंग दे रहे हैं। बैंक मैनेजमेंट का लक्ष्य इंडस्ट्री से 2-3% ज्यादा क्रेडिट ग्रोथ हासिल करना है, जो MSME और गोल्ड लोन पर फोकस से संभव हो सकता है। हालांकि, फंड की बढ़ती लागत से नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर दबाव आ सकता है, जो पिछली तिमाही में 3.54% पर था। इसके अलावा, आक्रामक विस्तार के दौरान एसेट क्वालिटी को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी।
