ट्रेडिंग ने दिलाई रिकॉर्ड ऊंचाई, पर बैंकिंग ने किया निराश
Citigroup Inc. ने हाल ही में पिछले एक दशक का अपना सबसे मजबूत तिमाही रेवेन्यू दर्ज किया है। यह बड़ी उपलब्धि कंपनी के फिक्स्ड-इनकम और इक्विटी ट्रेडिंग डिवीजनों के असाधारण प्रदर्शन का नतीजा है। CEO Jane Fraser के रणनीतिक बदलावों का असर साफ दिख रहा है, जिसके चलते नेट इनकम 42% बढ़कर $5.8 बिलियन (या $3.06 प्रति शेयर) हो गई, जो एनालिस्ट्स के अनुमानों से बेहतर है। पहली तिमाही में कंपनी का रिटर्न ऑन टैन्जिबल कॉमन इक्विटी (Return on Tangible Common Equity) 13.1% रहा, जो पिछले साल के 9.1% से काफी ज्यादा है।
ट्रेडिंग में उछाला, तो प्रतिस्पर्धियों का हाल?
बाजार में लगातार बनी हुई उथल-पुथल (Volatility) का फायदा उठाते हुए Citigroup के फिक्स्ड-इनकम ट्रेडिंग ने $5.2 बिलियन का रेवेन्यू दिया, जो पिछले साल की तुलना में 13% ज्यादा है। वहीं, इक्विटी ट्रेडिंग (Equity Trading) ने रिकॉर्ड $2.1 बिलियन का आंकड़ा छुआ, जिसमें 39% की शानदार बढ़ोतरी हुई। इसकी तुलना में, Goldman Sachs का फिक्स्ड-इनकम, करेंसी और कमोडिटीज (FICC) ट्रेडिंग रेवेन्यू 10% गिरकर $4.01 बिलियन रहा, हालांकि उनकी इक्विटी ट्रेडिंग मजबूत रही। JPMorgan Chase ने इस मामले में ज्यादा संतुलित ग्रोथ दिखाई, जिसका मार्केट रेवेन्यू 20% बढ़कर $11.6 बिलियन हो गया।
अलग-अलग डिवीजनों में मिले-जुले नतीजे, बढ़ते खर्चे
ट्रेडिंग की शानदार परफॉर्मेंस के बावजूद, Vis Raghavan के नेतृत्व वाला Citigroup का बैंकिंग डिवीजन एकमात्र ऐसा सेगमेंट रहा जहां प्रदर्शन में सुधार नहीं दिखा और यह फीस टारगेट (Fee Targets) हासिल करने में नाकाम रहा। इस यूनिट से $1.23 बिलियन की फीस आई, जो एनालिस्ट्स के $1.27 बिलियन के अनुमान से कम है। वहीं, JPMorgan के इन्वेस्टमेंट बैंकिंग फीस में 28% और Goldman Sachs के 48% बढ़कर $2.84 बिलियन तक पहुंचने के मुकाबले यह काफी पीछे है। इसके अलावा, Citigroup के कुल एक्सपेंसेस (Total Expenses) में पिछले साल के मुकाबले 7% की बढ़ोतरी हुई, जो मुनाफे को प्रभावित करने वाला एक अहम कारण है।
रेवेन्यू की निरंतरता पर सवाल और संरचनात्मक मुद्दे
ट्रेडिंग रेवेन्यू पर ज्यादा निर्भरता एक बड़ा जोखिम पेश करती है। हालांकि Citigroup का मार्केट रेवेन्यू पहली तिमाही में 19% बढ़कर $7.2 बिलियन हो गया, यह सेगमेंट स्वाभाविक रूप से अप्रत्याशित (Unpredictable) है। बैंकिंग डिवीजन की ग्रोथ में असमर्थता और बढ़ते एक्सपेंसेस बताते हैं कि कंपनी का टर्नअराउंड (Turnaround) सभी यूनिट्स में एक समान नहीं चल रहा है। निवेशकों को यह देखना होगा कि मौजूदा रेवेन्यू स्ट्रीम कितनी टिकाऊ (Sustainable) हैं या यह सिर्फ बाजार की ज्यादा अस्थिरता का नतीजा हैं। JPMorgan Chase जैसी कंपनियाँ 14.3% के CET1 रेश्यो के साथ ज्यादा मजबूत डाइवर्सिफिकेशन दिखा रही हैं, जो Citigroup के हालिया 12.7% से काफी ऊपर है। साथ ही, Citigroup 2020 से चल रहे अपने बड़े रेगुलेटरी कंप्लायंस ओवरहॉल (Regulatory Compliance Overhaul) के अंत के करीब है, लेकिन इस प्रक्रिया में काफी संसाधन लगे हैं।