Citigroup ने साल 2026 के शुरुआती 9 महीनों में ग्लोबल IPO अंडरराइटिंग में Goldman Sachs को पीछे छोड़ते हुए टॉप पोजीशन हासिल कर ली है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और SpaceX जैसी बड़ी डील्स ने इस बढ़त में अहम भूमिका निभाई है।
बाजार में बदलाव की कहानी
इन्वेस्टमेंट बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Citigroup ने दुनिया भर में IPO मैनेज करने के मामले में Goldman Sachs को पीछे छोड़ दिया है। IPO अंडरराइटिंग बड़े बैंकों के लिए कमाई का एक बड़ा जरिया है, जिसमें कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट कराने की जिम्मेदारी होती है।
क्यों मिली यह बढ़त?
इस सफलता के पीछे कुछ बड़ी डील रही हैं। इनमें सितंबर 2026 में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया की $2.4 बिलियन की लिस्टिंग और जून 2026 में SpaceX की $86 बिलियन की मेगा लिस्टिंग शामिल है। इन ट्रांजैक्शन्स ने बैंक का मार्केट शेयर बढ़ाने में बड़ी मदद की है।
क्या है आगे का हाल?
हालांकि Citigroup IPO के मामले में आगे है, लेकिन ओवरऑल इक्विटी मार्केट में Goldman Sachs अभी भी मजबूत बना हुआ है। Citigroup की इस सफलता के पीछे उनकी आक्रामक हायरिंग और मजबूत इक्विटी कैपिटल मार्केट्स टीम का हाथ है।
निवेशकों के लिए अलर्ट
बैंक का शेयर फिलहाल $128.55 के आसपास ट्रेड कर रहा है। निवेशकों की नजर अब 13 अक्टूबर 2026 पर टिकी है, जब कंपनी अपने तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे जारी करेगी। मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिति और रेगुलेटरी सख्ती के बीच, बाजार यह देखना चाहेगा कि बैंक अपनी इस बढ़त को कैसे बरकरार रखता है और इसका असर प्रॉफिट मार्जिन पर कितना पड़ता है।
