Cholamandalam Investment and Finance ने शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **41%** बढ़कर **₹1,630 करोड़** पहुंच गया है, वहीं कंपनी अब अपनी विस्तार योजनाओं के लिए **₹5,000 करोड़** के QIP को भी मंजूरी दे दी है।
मुुरुगप्पा ग्रुप की प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC), Cholamandalam Investment and Finance ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने 41% की शानदार ग्रोथ के साथ ₹1,630 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इसकी मुख्य वजह लोन वितरण (Loan Disbursement) में हुई 47% की जबरदस्त बढ़त रही है।
बिजनेस का विस्तार
कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) सालाना आधार पर 25% बढ़कर ₹2,68,009 करोड़ हो गया है। हालांकि व्हीकल फाइनेंस अभी भी रेवेन्यू का मुख्य जरिया बना हुआ है, लेकिन कंपनी का SME लोन सेगमेंट 45% की रफ्तार से बढ़ रहा है। वहीं, गोल्ड लोन बिजनेस को भी तेजी से स्केल किया जा रहा है, जिसका लोन बुक अब ₹3,446 करोड़ का हो गया है।
एसेट क्वालिटी और QIP की रणनीति
निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी की एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) पिछली तिमाही के 4.50% से घटकर 4.44% रह गए हैं। नेट NPA भी सुधरकर 2.92% पर आ गया है। इस मजबूती के कारण मार्केट में उत्साह दिखा और शेयर 5.2% उछलकर ₹1,553.85 के स्तर पर बंद हुआ।
बोर्ड ने भविष्य की जरूरतों और पूंजी को मजबूत करने के लिए ₹5,000 करोड़ तक के QIP (Qualified Institutional Placement) को मंजूरी दी है। यह कदम कंपनी की भविष्य की विकास योजनाओं को गति देगा, हालांकि निवेशकों की नजरें इस पर होंगी कि इसका इक्विटी डाइल्यूशन पर क्या असर पड़ता है।
