ब्रोकरेज रिपोर्ट की वजह से आई तेजी?
Cholamandalam Investment and Finance Company के शेयरों में हाल ही में तेजी देखी गई, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। यह उछाल Motilal Oswal Financial Services (MOFSL) की एक नई रिपोर्ट के बाद आया है, जिसने कंपनी पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹1,870 का रखा है। यह ब्रोकरेज की तरफ से लगभग 21% के बड़े अपसाइड का संकेत देता है। MOFSL का मानना है कि कमर्शियल व्हीकल, पैसेंजर व्हीकल और टू-व्हीलर सेगमेंट में डिस्पर्सल ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद है। साथ ही, GST दरों में कटौती से वाहनों की अफोर्डेबिलिटी बढ़ी है, जिससे डिमांड में भी इजाफा हुआ है। आज, यानी 16 अप्रैल 2026 को, शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लगभग ₹1,585.70 पर ट्रेड कर रहे थे, जो 2.26% की बढ़त है, जबकि बेंचमार्क Nifty50 में सिर्फ 0.29% की मामूली तेजी देखी गई। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹1.35 ट्रिलियन है और इसका ट्रेलिंग 12-महीने का P/E रेश्यो 27-28x के आसपास है, जिसे एनालिस्ट्स भविष्य की मजबूत ग्रोथ का संकेत मान रहे हैं।
AUM और PAT ग्रोथ के क्या हैं अनुमान?
Cholamandalam की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में फाइनेंशियल ईयर 26 से 28 के बीच लगभग 21% सालाना ग्रोथ और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 26% सालाना ग्रोथ का अनुमान है। यह NBFC सेक्टर के लिए सकारात्मक आउटलुक के अनुरूप है, जिसके AUM में FY26 में 12-18% की ग्रोथ का अनुमान है। कंपनी की एसेट क्वालिटी में सुधार के मुख्य कारण कंज्यूमर एंड स्मॉल एंटरप्राइज लोंस (CSEL) सेगमेंट से रणनीतिक निकास और व्हीकल फाइनेंसिंग में कलेक्शन एफिशिएंसी में सुधार हैं। एनालिस्ट्स को क्रेडिट कॉस्ट में नरमी की उम्मीद है, जो प्रॉफिटेबिलिटी को बढ़ाएगी। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) में विस्तार का रुझान दिख रहा है, और Q4FY26 में कॉस्ट ऑफ फंड्स में 0.05% से 0.1% की और कमी से मार्जिन में और इजाफा हो सकता है, जिसका लक्ष्य FY27-FY28 में लगभग 7% पर स्थिरता हासिल करना है।
भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और अन्य जोखिम
सकारात्मक संकेतों के बावजूद, Cholamandalam के सामने कुछ बड़े जोखिम भी हैं। MOFSL ने खुद चेतावनी दी है कि नाजुक जियोपॉलिटिकल सिचुएशन, खासकर US-ईरान संबंधों को लेकर, स्टॉक में काफी वोलैटिलिटी ला सकती है और ग्रोथ व एसेट क्वालिटी को प्रभावित कर सकती है। ऐसी वैश्विक अनिश्चितताएं फंडिंग कॉस्ट बढ़ा सकती हैं और इमर्जिंग मार्केट फाइनेंशियल स्टॉक्स पर निवेशक के सेंटीमेंट को कमजोर कर सकती हैं। इसके अलावा, कंपनी पर 2025 के अंत में Cobrapost द्वारा कॉर्पोरेट मिसगवर्नेंस और इरेगुलर ट्रांजैक्शन्स के आरोप लगे थे, हालांकि कंपनी ने इन दावों का जोरदार खंडन किया था। नई सेगमेंट्स जैसे SME और कंज्यूमर फाइनेंस में क्रेडिट कॉस्ट बढ़ने से प्रॉफिटेबिलिटी पर जोखिम बना हुआ है। सेक्टर को रेगुलेटरी जांच और फंडिंग चैलेंजेस का भी सामना करना पड़ रहा है। मॉनसून की अनिश्चितता के कारण एग्रीकल्चरल कैश फ्लो में किसी भी रुकावट से व्हीकल फाइनेंसिंग की रिकवरी धीमी हो सकती है।