FY26 ग्रोथ टारगेट्स पर CFO का विश्वास
Cholamandalam Investment and Finance Company Limited (CIFCL) के लीडरशिप ने Financial Year 2026 के लिए तय किए गए Assets Under Management (AUM) ग्रोथ टारगेट्स को हासिल करने को लेकर मजबूती से अपनी बात रखी है। CFO D Arul Selvan ने बताया कि कंपनी अपने बताए गए गाइडेंस के मुताबिक अच्छा प्रदर्शन कर रही है, और FY26 के लिए 20-22% की विस्तार दर का अनुमान है। व्हीकल फाइनेंस, जो कि कंपनी का एक अहम सेगमेंट है, ने स्ट्रैटेजिक रैशनलाइजेशन के बाद अच्छी पकड़ दिखाई है और चौथी तिमाही में भी ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है।
Q3 में मुनाफे को मिली Disbursements की धार
दिसंबर 2025 में समाप्त हुई तिमाही के लिए कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1,288 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 19% ज्यादा है। इस बेहतर मुनाफे की मुख्य वजह व्हीकल फाइनेंस, प्रॉपर्टी पर लोन और तेजी से बढ़ते होम लोन जैसे प्रमुख बिजनेस वर्टिकल में Disbursements (वितरण) में हुई बढ़त रही। कुल मिलाकर Disbursements में 16% का हेल्दी उछाल देखा गया, जो कंपनी के ऑपरेशनल मोमेंटम को दर्शाता है।
गोल्ड लोन में तेजी और एसेट क्वालिटी पर फोकस
CIFCL के गोल्ड लोन बिजनेस में भी अच्छी प्रगति हो रही है। Q3FY26 में 118 डेडिकेटेड ब्रांचेस के जरिए ₹772 करोड़ के गोल्ड लोन बांटे गए। NBFC को उम्मीद है कि चौथी तिमाही में क्रेडिट कॉस्ट में कुछ नरमी आएगी, जिसका साथ व्हीकल और होम लोन की लगातार ग्रोथ और कंज्यूमर एंड स्मॉल एंटरप्राइज लोन (CSEL) पोर्टफोलियो में की जाने वाली कमी से मिलेगा। हालांकि, Q3 में क्रेडिट कॉस्ट 1.8% पर थोड़ी ज्यादा बनी हुई है, लेकिन Selvan ने कहा कि लेंडर भविष्य की प्रोविजनिंग को कम करने के लिए स्टेज-2 एसेट्स को कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
एसेट क्वालिटी की स्थिति
जोखिम प्रबंधन के प्रयासों के बावजूद, एसेट क्वालिटी में मामूली सीक्वेंशियल (sequential) गिरावट आई है। दिसंबर 2025 तक Gross Non-Performing Assets (GNPAs) सितंबर 2025 के 4.57% से बढ़कर 4.63% हो गया। इसी तरह, Net Non-Performing Assets (NNPAs) भी इसी अवधि में 3.07% से बढ़कर 3.13% हो गया। मैनेजमेंट ने इस बात पर जोर दिया कि ये बदलाव चिंता का बड़ा कारण नहीं हैं और उनका ध्यान एसेट मैनेजमेंट पर बना हुआ है।
कैपिटल पोजीशन मजबूत
जहां इंडस्ट्री के कुछ दूसरे प्लेयर्स एक्सटर्नल कैपिटल की तलाश में हैं, वहीं CIFCL ने कहा है कि फिलहाल इक्विटी फंडरेज़िंग की कोई योजना नहीं है। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि वह अपने ग्रोथ एंबीशन्स को सपोर्ट करने के लिए पर्याप्त रूप से कैपिटलाइज्ड (capitalized) है, जो कंपनी की मजबूत इंटरनल फाइनेंशियल पोजीशन को दर्शाता है।