Cholamandalam Investment and Finance Company (Chola) ने Q3 FY26 के नतीजे घोषित किए हैं, जिसमें कंपनी ने जोरदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 21% बढ़कर ₹2.11 लाख करोड़ के पार पहुंच गई, जो इसके लगातार बिजनेस ग्रोथ को दर्शाता है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) में भी सुधार देखा गया, जो पिछले साल के 7.7% की तुलना में बढ़कर 8.0% हो गया। यह बेहतर एसेट मिक्स और कॉस्ट एफिशिएंसी का नतीजा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 18.54% बढ़कर लगभग ₹1,290 करोड़ रहा।
ये मजबूत फाइनेंशियल आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब कंपनी के शेयर में पिछले एक महीने में 10.5% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। शेयर की मौजूदा कीमत लगभग ₹1,594.30 है और मार्केट कैप ₹1.34-1.39 लाख करोड़ के दायरे में है। निवेशकों की चिंताएं मुख्य रूप से कोर व्हीकल फाइनेंस सेगमेंट में धीमी ग्रोथ और कुछ एसेट क्वालिटी इंडिकेटर्स में बढ़ोतरी को लेकर थीं। हालांकि, मैनेजमेंट इन चिंताओं को दूर करने के लिए ग्रोथ को रीकैलिब्रेट करने और क्रेडिट नॉर्म्स को टाइट करने पर काम कर रहा है।
यह देखा जा रहा है कि पूरा NBFC सेक्टर एक जटिल माहौल से गुजर रहा है। अनुमान है कि 2025-2026 के लिए सेक्टर की ग्रोथ 13-15% के आसपास रह सकती है। बजट 2026 से वित्तीय क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है, लेकिन सरकारी उधारी बढ़ने से NBFCs के लिए फंडिंग कॉस्ट बढ़ सकती है।
Chola, देश की टॉप पांच डायवर्सिफाइड NBFCs में से एक होने के नाते, व्हीकल फाइनेंस में 15-18% की महत्वपूर्ण मार्केट शेयर रखती है। Bajaj Finance और Shriram Finance जैसे बड़े खिलाड़ी भी इसी बाजार में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। कंपनी का सेमी-अर्बन और रूरल मार्केट्स पर फोकस इसे एक खास कॉम्पिटिटिव एज देता है।
हालिया करेक्शन के बावजूद, स्टॉक का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो 28-31x के रेंज में है और यह 3.0x FY28 एस्टिमेटेड बुक वैल्यू पर ट्रेड कर रहा है। यह प्रीमियम वैल्यूएशन भविष्य की ग्रोथ की उम्मीदों को दर्शाता है, भले ही निवेशक हालिया मार्केट वोलेटिलिटी और सेक्टर-स्पेसिफिक चुनौतियों को डाइजेस्ट कर रहे हों।
Cholamandalam Investment का मीडियम-टर्म आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। कंपनी FY26 के लिए AUM ग्रोथ 20-22% रहने का अनुमान लगा रही है। टारगेट नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) FY26 के लिए लगभग 7.9% रखा गया है, और मौजूदा परफॉरमेंस इससे भी बेहतर संकेत दे रही है।
क्रेडिट कॉस्ट रेश्यो FY26 में घटकर 1.6% रहने का अनुमान है, जो कलेक्शन एफिशिएंसी में सुधार से संभव होगा। कंज्यूमर और स्मॉल एंटरप्राइज लोन (CSEL) सेगमेंट में नेट क्रेडिट लॉस को 5% तक कम करने का लक्ष्य FY27 तक है।
कंपनी की कैपिटल पोजीशन मजबूत है, कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 19.16% है। इसे ₹2,000 करोड़ के कंपल्सरी कन्वर्टिबल डिबेंचर (CCD) इश्यूएंस से और मजबूती मिलेगी, जो बदलते मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल में ग्रोथ को सपोर्ट करेगा।