क्यों आया 'BUY' सिग्नल?
Cholamandalam Investment and Finance Company (CIFC) को लेकर ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher का नज़रिया अब और बुलिश हो गया है। उन्होंने 'ACCUMULATE' रेटिंग से इसे बढ़ाकर 'BUY' कर दिया है, और शेयर के लिए ₹1,850 का टारगेट प्राइस रखा है। इसकी मुख्य वजह तीसरी तिमाही में शानदार 16% की ईयर-ऑन-ईयर डिसबर्समेंट ग्रोथ है। GST एडजस्टमेंट, त्योहारी मांग और क्षमता का बेहतर इस्तेमाल इस ग्रोथ में अहम रहा। ब्रोकरेज फर्म ने वितीय वर्ष 2026 (FY26) और 2027 (FY27) के लिए AUM ग्रोथ का अनुमान क्रमशः 22% और 21% पर बरकरार रखा है।
हालिया करेक्शन और वैल्यूएशन का खेल
पिछले एक महीने में शेयर में लगभग 12% का करेक्शन देखने को मिला था, जिसके बाद यह मौजूदा समय में लगभग ₹1,696 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। शेयर का 52-सप्ताह का हाई ₹1,831.50 और लो ₹1,239.10 रहा है। हालांकि, स्टॉक का करंट P/E रेशियो लगभग 30-32x के आसपास है, जो इसके ऐतिहासिक औसत और प्रतिस्पर्धियों की तुलना में थोड़ा प्रीमियम माना जा रहा है। इसी तरह, P/BV रेशियो भी लगभग 5.6x पर है, जो 5 साल के औसत से ऊपर है।
मार्जिन में सुधार, लेकिन खर्चों पर नज़र
विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी के फंडिंग कॉस्ट में कमी आने से नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) में सुधार देखने को मिल सकता है। Q3 में कॉस्ट ऑफ फंड्स में 10 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हुई और यह 6.7% पर रहा। वहीं, NIM 8.0% रहा। दूसरी ओर, कंपनी अपने विस्तार (Expansion) पर, खासकर गोल्ड लोन और अन्य नए वर्टिकल्स में, खर्च कर रही है। इस वजह से ऑपरेटिंग एक्सपेंस (Opex) थोड़ा ऊंचा बना रह सकता है, और Opex-to-AUM रेशियो 3.3% पर है।
एसेट क्वालिटी पर थोड़ी चिंता
कंपनी को उम्मीद है कि Q4 में क्रेडिट कॉस्ट में नरमी आएगी, जो Q3 में 1.8% पर था। हालांकि, दिसंबर 2024 तक, स्टेज 3 एसेट्स मामूली बढ़कर 2.91% और GNPA 4.0% पर पहुंच गए। कंपनी का टियर 1 कैपिटल रेशियो 14.21% (दिसंबर 2025 तक) और कैपिटल एडिक्वेसी 19.76% (दिसंबर 2024 तक) है, जो नियामक ज़रूरतों से ऊपर है।
सेक्टर का भरोसा और मिली-जुली राय
NBFC सेक्टर में आगे अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है, जिसमें 2026 में 12% क्रेडिट एक्सपेंशन का अनुमान है। बजट 2026 से भी इस सेक्टर को बूस्ट मिलने की उम्मीद है। बाज़ार के अधिकतर एनालिस्ट्स 'Strong Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जिनका औसत टारगेट प्राइस ₹2,107.50 है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स, जैसे Axis Securities का ₹1,650 का टारगेट, थोड़ी भिन्न राय भी दर्शाती हैं। पिछले साल शेयर ने 19.19% का रिटर्न दिया था, जो हालिया करेक्शन से अलग है।
आगे की राह: ग्रोथ और रिस्क का संतुलन
CIFC के पास ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं हैं, लेकिन कंपनी के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि वह विस्तार के दौरान ऑपरेटिंग खर्चों और एसेट क्वालिटी को प्रभावी ढंग से मैनेज करे। यह क्षमता ही मौजूदा वैल्यूएशन को सही ठहराने और ग्रोथ के अनुमानों को पूरा करने में मदद करेगी।
