Centricity की ₹280 करोड़ की फंडिंग: ₹1,800 करोड़ के वैल्यूएशन पर जुटाए पैसे

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Centricity की ₹280 करोड़ की फंडिंग: ₹1,800 करोड़ के वैल्यूएशन पर जुटाए पैसे

Wealthtech स्टार्टअप Centricity ने ₹280 करोड़ की एक बड़ी सीरीज A फंडिंग राउंड पूरी कर ली है, जिसमें SMBC Asia Rising Fund ने लीड किया है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने प्लेटफॉर्म को बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने के लिए करेगी। हालांकि, कंपनी ने रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ दिखाई है, पर यह अभी भी घाटे में चल रही है और यह स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है।

Centricity, जो गुरुग्राम की एक वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म है, ने 13 अगस्त 2026 को ₹280 करोड़ के सीरीज A फंडिंग राउंड की घोषणा की है। SMBC Asia Rising Fund के नेतृत्व में हुए इस निवेश में कंपनी का वैल्यूएशन करीब ₹1,800 करोड़ आंका गया है। इस ताज़ा पूंजी में ₹230 करोड़ इक्विटी के रूप में और ₹50 करोड़ वेंचर डेट के तौर पर शामिल हैं। इस राउंड में Lightspeed India Partners, Burman Family Office, RAAY Investments, Stride Ventures, और Innoven Capital जैसे निवेशकों ने भी भाग लिया।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि Centricity एक प्राइवेट, अनलिस्टेड कंपनी है, जिसका मतलब है कि यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर ट्रेड नहीं करती है, और इसका कोई रिटेल स्टॉक प्राइस नहीं है।

कंपनी इंडिपेंडेंट फाइनेंशियल एडवाइजर्स और फैमिली ऑफिस के लिए एक वेल्थ डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करती है। साल 2022 में अपनी शुरुआत के बाद से, इसने ₹15,000 करोड़ से अधिक की संपत्ति का प्रबंधन किया है और 66 शहरों में 20,000 पार्टनर्स और 100,000 निवेशकों के नेटवर्क का समर्थन करती है।

आंकड़ों पर नज़र डालें तो, फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी ने ₹61.26 करोड़ का ऑपरेटिंग रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹19.02 करोड़ की तुलना में एक बड़ी बढ़ोतरी है। हालांकि, कंपनी अपने प्लेटफॉर्म और बाजार पहुंच को मजबूत करने में भारी निवेश कर रही है, जिसके चलते FY25 में इसका घाटा बढ़कर ₹31.72 करोड़ हो गया। यह दर्शाता है कि बिजनेस बढ़ तो रहा है, लेकिन अभी भी लगातार मुनाफा कमाने की दिशा में काम कर रहा है।

Centricity इन फंडों का उपयोग अपनी टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाने और भारत के साथ-साथ विदेशों में भी प्राइवेट वेल्थ और NRI-केंद्रित सेवाओं का विस्तार करने के लिए करेगी। इस रणनीति के तहत, कंपनी भारत में 50 से अधिक प्राइवेट बैंकर और 35-40 NRI केंद्रित बैंकरों को नियुक्त करने की योजना बना रही है।

एक वेल्थ-टेक फर्म के तौर पर, Centricity को कई जोखिमों का सामना करना पड़ता है जिन पर नजर रखना जरूरी है। कंपनी SEBI के कई रजिस्ट्रेशनों के तहत काम करती है, जो इसे अपनी एडवाइजरी और डिस्ट्रीब्यूशन सेवाओं के संबंध में सख्त नियामक निगरानी के अधीन रखता है। इसके अलावा, इसका बिजनेस मॉडल बाजार की अस्थिरता के प्रति संवेदनशील है। चूंकि इसकी आय प्रबंधन के तहत संपत्तियों से जुड़ी है, इसलिए वित्तीय बाजारों में कोई भी बड़ी गिरावट इसके फी-आधारित रेवेन्यू को प्रभावित कर सकती है। इसके अतिरिक्त, कंपनी को एग्जीक्यूशन रिस्क का भी सामना करना पड़ता है; तेजी से टीम और प्लेटफॉर्म का विस्तार करने के लिए खर्चों का सावधानीपूर्वक प्रबंधन आवश्यक है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य की वृद्धि लंबी अवधि की वित्तीय स्थिरता की कीमत पर न हो।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.