साइबर हमले के चलते ठप हुई Central Bank of India की RTGS सेवाएं अब फिर से शुरू हो गई हैं। बैंक के RBI सेटलमेंट अकाउंट से करीब **₹13.9 करोड़** का अनधिकृत ट्रांजैक्शन हुआ था, जिसके बाद यह बड़ा कदम उठाया गया।
क्या हुआ था बैंक के साथ?
बैंक ने पुष्टि की है कि 15 से 17 अक्टूबर के बीच उनके RBI सेटलमेंट अकाउंट में तकनीकी खामी का फायदा उठाकर अनधिकृत ट्रांसफर किए गए। इस सेंधमारी की वजह से बैंक की RTGS सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई थीं।
ग्राहकों के लिए राहत की बात
बैंक मैनेजमेंट ने साफ किया है कि यह समस्या केवल एक विशिष्ट सेटलमेंट इंटरफेस तक ही सीमित थी। बैंक का कोर बैंकिंग सिस्टम और व्यक्तिगत ग्राहकों के बचत खाते पूरी तरह सुरक्षित हैं। ग्राहकों के फंड और पर्सनल डेटा को इस घटना से कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
इन्वेस्टर्स के लिए क्या है संकेत?
हालाँकि बैंक के बड़े ऑपरेशन के मुकाबले ₹13.9 करोड़ की रकम छोटी दिखती है, लेकिन यह घटना डिजिटल सुरक्षा (Digital Security) को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है।
- मुंबई पुलिस मामले की जांच कर रही है ताकि लूटी गई रकम का पता लगाया जा सके।
- भविष्य में बैंक को अपनी IT सिक्योरिटी और सिस्टम अपग्रेड पर खर्च बढ़ाना पड़ सकता है।
- रेगुलेटरी स्क्रूटनी बढ़ने की आशंका के चलते बैंक के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर अब कड़ी नजर रहेगी।
निवेशकों के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मैनेजमेंट फंड रिकवरी को लेकर क्या कदम उठाता है और आने वाली तिमाहियों में आईटी खर्च का क्या असर बैंक के मुनाफे पर पड़ता है।
