Central Bank of India के RTGS पेमेंट सिस्टम में 15 से 17 अक्टूबर के बीच तकनीकी बाधा देखी गई। बैंक ने स्पष्ट किया है कि कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ है और यह किसी भी प्रकार का साइबर अटैक नहीं था।
क्या हुआ था सिस्टम में?
Central Bank of India ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि उनके RTGS (Real-Time Gross Settlement) आउटवर्ड पेमेंट सिस्टम में 3 दिनों तक (15 अक्टूबर से 17 अक्टूबर) तकनीकी खराबी रही। RTGS का इस्तेमाल बड़े लेनदेन के लिए किया जाता है, इसलिए बैंकिंग कामकाज में यह एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
बैंक ने क्या कहा?
बैंक मैनेजमेंट ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित सिस्टम को अलग (Isolate) कर दिया था ताकि स्थिति और न बिगड़े। बैंक ने भरोसा दिलाया है कि ग्राहकों के पैसे पूरी तरह सुरक्षित हैं और इस घटना का किसी साइबर अटैक या दुर्भावनापूर्ण गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। फिलहाल, इंटरनल और एक्सटर्नल एक्सपर्ट्स खराबी की असली वजह का पता लगा रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
आज के दौर में बैंकों की डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती एक प्रमुख पैमाना बन गई है। Reserve Bank of India (RBI) भी लगातार बैंकों के IT सिस्टम को लेकर सख्त नियम बना रहा है। हालांकि यह सुरक्षा में सेंध का मामला नहीं है, लेकिन इस तरह की तकनीकी रुकावटें निवेशकों के लिए यह देखने का मौका होती हैं कि बैंक अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर कितना निवेश कर रहे हैं। भविष्य में बैंक की ओर से सिस्टम अपग्रेड और ऑडिट रिपोर्ट पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी, ताकि यह तय हो सके कि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को कैसे रोका जाएगा।
